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विद्याविहार पुल के नामकरण पर विवाद, नाना पाटेकर और कैप्टन स्मित मच्छार के नाम आमने-सामने

पूर्व मंत्री मेहता ने इस फ्लाईओवर का नाम दिवंगत प्रमोद महाजन के नाम पर किये जाने के लिए सीएम फड़णवीस को सौंपा था पत्र

विशेष संवाददाता/मुंबई। पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों को जोड़ने के उद्देश्य से तैयार विद्याविहार ईस्ट-वेस्ट पुल के उद्घाटन से पहले ही उसके नामकरण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस पुल का नामकरण किसके सम्मान में किया जाए, इसे लेकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और भारतीय जनता पार्टी की ओर से अलग-अलग प्रस्ताव सामने आए हैं। शिवसेना (यूबीटी) इस पुल का नाम दिवंगत अभिनेता नाना पाटेकर के नाम पर रखने की मांग कर रही है, जबकि भाजपा विधायक पराग शाह ने इसका नाम कैप्टन स्मित मच्छार के नाम पर रखने का प्रस्ताव दिया है। दोनों मांगों के बीच पुल के आधिकारिक नाम पर अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है।  हालांकि इन दोनों से पहले महाराष्ट्र के पूर्व गृह निर्माण मंत्री एवं घाटकोपर के पूर्व मंत्री-विधायक प्रकाश मेहता ने विद्याविहार ईस्ट-वेस्ट फ्लाईओवर का नाम दिवंगत प्रमोद महाजन के नाम पर रखने के लिए मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस से मुलाकात कर एक पार्ट भी सौंपा था।

शिवसेना (यूबीटी) ने लगाया ‘नाना पाटेकर सेतु’ का बैनर

शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ताओं ने पुल पर ‘पद्मश्री नाना पाटेकर सेतु’ नाम का बैनर लगाकर अपनी मांग को सार्वजनिक किया। पार्टी के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े से मुलाकात कर इस संबंध में पत्र भी सौंपा। नाना पाटेकर हिंदी और मराठी फिल्मों के जाने-माने अभिनेता रहे हैं।

अभिनय के अलावा सामाजिक कार्यों और किसानों से जुड़े मुद्दों पर उनके योगदान का भी उल्लेख किया जाता रहा है। पार्टी का मानना है कि उनके सम्मान में पुल का नाम रखा जाना चाहिए। हालांकि, बैनर लगाए जाने से पुल के आधिकारिक नामकरण का फैसला नहीं हो जाता।

भाजपा विधायक पराग शाह ने कैप्टन स्मित मच्छार के नाम का दिया प्रस्ताव

दूसरी ओर, भाजपा विधायक पराग शाह ने अधिकारियों को पत्र लिखकर पुल का नाम कैप्टन स्मित मच्छार के नाम पर रखने की मांग की है। कैप्टन मच्छार एक भारतीय वाणिज्यिक विमान के पायलट हैं। तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में सह-पायलट द्वारा किए गए हमले के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका की सराहना की गई थी। भाजपा विधायक की मांग है कि उनके साहस और विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा के लिए किए गए प्रयासों के सम्मान में पुल का नाम उनके नाम पर रखा जाए। इस तरह एक ही पुल के लिए दो अलग-अलग नामों के प्रस्ताव सामने आने से मामला चर्चा में आ गया है।

मनपा में भी उठा मामला, अंतिम निर्णय का इंतजार

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (मनपा) में सदन के नेता गणेश खनकर ने शिवसेना (यूबीटी) की पहल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर के सम्मान में किसी बड़े थिएटर या सांस्कृतिक परिसर का नाम रखना अधिक उपयुक्त हो सकता है। इस बीच, विद्याविहार ईस्ट-वेस्ट पुल लंबे समय से प्रतीक्षित बुनियादी ढांचा परियोजना है।

लगभग 650 मीटर लंबा यह पुल विद्याविहार रेलवे स्टेशन के पूर्वी हिस्से में रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग को पश्चिम में घाटकोपर के लाल बहादुर शास्त्री मार्ग से जोड़ता है। इसमें रेलवे ट्रैक के ऊपर लगभग 100 मीटर का हिस्सा है।परियोजना के तहत स्टेशन के संपर्क मार्गों, टिकट बुकिंग कार्यालय और सीढ़ियों से जुड़े कार्य भी शामिल हैं। फिलहाल पुल के नामकरण पर अंतिम फैसला लंबित है। अब यह देखना होगा कि मनपा और संबंधित प्रशासन दोनों प्रस्तावों पर विचार करने के बाद क्या निर्णय लेते हैं।

Tegs: #Controversy over the naming of Vidyavihar Bridge; proposals to name it after Nana Patekar or Captain Smit Machhar emerge.

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