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अंतर्राष्ट्रीय युवा सम्मेलन के लिए झारखंड के बबलू का चयन

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में जागरूकता, स्वतंत्रता दिवस प्रतियोगिता में भी उपलब्धि

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में युवाओं को जागरूक करने की दिशा में कार्य कर रहे झारखंड के युवा बबलू कुमार महतो ने विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी उपलब्धियों से पहचान बनाई है। वर्तमान में बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे बबलू प्राकृतिक संरक्षण के प्रति आमजनों को जागरूक करने के साथ-साथ युवाओं को सामाजिक कार्यों से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

ज्ञात हो कि बबलू प्राकृतिक रक्षण संगठन के संस्थापक हैं। उन्होंने लगभग 15 वर्ष की उम्र से ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य शुरू किया। उनका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जनभागीदारी के माध्यम से स्थायी बदलाव लाना है। वे विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों और आम जनों के बीच पर्यावरण के महत्व को पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं।

युवा बबलू को वर्ष 2025 में आयोजित हार्टफुलनेस एस्से इवेंट में वैश्विक स्तर पर दूसरा स्थान (ग्लोबल रनर-अप) प्राप्त हुआ। यह प्रतियोगिता पर्यावरण एवं मानवीय मूल्यों से जुड़े विषयों पर आयोजित की गई थी। इसके अलावा, वर्ष 2026 में माय भारत बजट क्वेस्ट के लिए चयनित युवाओं में भी उनका नाम शामिल रहा। इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें भारत के बजट और शासन व्यवस्था से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखने का अवसर मिला।

उन्हें इंटरनेशनल युथ कांफ्रेंस (आईवाइसी 14) न्यूयॉर्क (अमेरिका) के लिए वर्ष 2026-27 का एंबेसडर भी चुना गया है। इस मंच के माध्यम से वे पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास जैसे विषयों पर युवाओं के साथ संवाद करने की दिशा में कार्य करेंगे। इसके अतिरिक्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की पेटिंग प्रतियोगिता में बाबलू ने 23वां स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि के लिए उन्हें 5,000 रुपये का सांत्वना पुरस्कार भी दिया गया।

बबलू झारखंड के विद्यालयों, महाविद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों में वृक्षारोपण, स्वच्छता, प्लास्टिक मुक्त अभियान, जल संरक्षण तथा कचरा प्रबंधन जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहे हैं। उनका प्रयास युवाओं, बच्चों और स्थानीय समुदायों को प्रकृति संरक्षण के प्रति प्रेरित करना है।
वे अखंड भारत पर्यावरण यात्रा के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में जन-जागरूकता और जनभागीदारी बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक देशवासी की भागीदारी आवश्यक है।

बबलू का मानना है कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण के अभियान को व्यापक बनाया जा सकता है। नर्सिंग की पढ़ाई के साथ वे स्वास्थ्य, समाज सेवा और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर भी योगदान देने की दिशा में प्रयासरत हैं। उनका लक्ष्य युवाओं और ग्रामीण समुदायों को जागरूक कर स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भारत के निर्माण में सहयोग करना है।

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