प्रहरी संवाददाता/गोमिया (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में साड़म में जल संकट के समाधान को लेकर विभाग द्वारा डीपीआर बनने के बाद भी 6 माह से जलापूर्ति कार्य अटका है। उक्त बाते 28 अगस्त को झारखंड आंदोलनकारी इफ्तेखार महमूद ने कही।
उन्होंने बताया कि गोमिया प्रखंड के हद में साड़म पूर्वी एवं पश्चिमी पंचायत विगत कई वर्षों से गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहा है। इसे लेकर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के तेनुघाट प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने दो वर्ष पूर्व 4 जनवरी 2024 के पत्रांक 25 द्वारा मुख्य अभियंता को भेजे पत्र में स्वयं उल्लेख किया है कि साड़म पूर्वी तथा पश्चिमी पंचायत की आधी आबादी को हीं जलापूर्ति योजना से पानी मिल पाता है।
साड़म पूर्वी तथा पश्चिमी पंचायत के उप मुखिया शांति देवी एवं पंकज कुमार जैन, पंचायत समिति सदस्य रोशन आरा एवं चांदनी देवी, खुर्शीद आलम, जीतू सिंह, दिलगर केवट, मालती देवी, अशरफ अंसारी, सरिता देवी सहित सैकड़ों रहिवासियों ने जल संकट के समाधान के लिए पेयजल स्वच्छता विभाग के तेनुघाट प्रमंडल में बीते 27 दिसंबर 2023 को संयुक्त आवेदन दिया था।
इफ्तेखार महमूद के अनुसार आवेदन पर कार्रवाई करते हुए पेयजल स्वच्छता प्रमंडल तेनुघाट ने डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार किया, किन्तु उक्त डीपीआर पर पिछले 6 माह से आगे का काम रुका है। काम रुकने का जो कारण बताया जा रहा है, वह काफी आश्चर्यजनक है। उन्होंने कहा कि स्थानीय अधिकारियों द्वारा कहा जा रहा है कि जल संसाधन विभाग के द्वारा तेनुघाट डैम से पानी लेने का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नही मिलने के कारण साड़म पूर्वी के लिए बनाए गए डीपीआर पर 6 माह से काम रुका है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बोकारो जिला सचिव एवं झारखंड आंदोलनकारी महमूद ने बताया कि तेनुघाट बांध जलाशय से आसपास के ही नहीं, बल्कि कसमार और बोकारो स्टील को भी पेयजल के लिए पानी मिल रहा है और सिर्फ साड़म पूर्वी पंचायत के लिए ही जल संसाधन विभाग अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दे रहा है।
महमूद ने घोषणा की कि यदि जल संसाधन विभाग से तुरंत अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया जाता है तो आगामी 9 सितंबर को पेयजल स्वच्छता विभाग के तेनुघाट प्रमंडल कार्यालय के समक्ष हजारों की संख्या में रहिवासियो का प्रदर्शन होगा।
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