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कॉ शफीक स्मृति भवन में मजदूर नेता शफीक खान की मनायी गयी पुण्यतिथि

पब्लिक सेक्टर को बचाना है, तो एकजुट होकर संघर्ष करना होगा-रवींद्र

मजदूरों को अब आगे बढ़कर संघर्ष करना होगा-लखन लाल

प्रहरी संवाददाता/बेरमो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में बेरमो प्रखंड के संडे बाजार स्थित कॉमरेड शफीक स्मृति भवन में 22 अक्टूबर को यूसीडब्ल्यूयू बेरमो कोयलांचल कमेटी और भाकपा बेरमो लोकल कमेटी की ओर से मजदूर नेता शफीक खान की 22वीं पुण्यतिथि श्रद्धांजलि सभा के रूप में मनायी गयी।

श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में कई श्रमिक व सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के नेताओं व् प्रबुद्ध जनों ने उनकी तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। श्रद्धांजलि सभा में गिरिडीह के पूर्व सांसद शामिल हुए। संबोधित करते हुए पूर्व सांसद रवींद्र कुमार पांडेय ने कहा कि स्व. खान जिस सिद्धांत व आदर्श को लेकर आगे बढ़े, उसे और आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक रूप से पहल करनी होगी। कहा कि आज भी कोयला मजदूरों के लिए संघर्ष जारी है। मजदूरों कॉ बोनस सहित कई सुविधाएं संघर्ष के बदौलत ही मिल रही है। उन्होंने कहा कि पब्लिक सेक्टर को बचाना है, तो एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।

जेबीसीसीआई सदस्य लखन लाल महतो ने कहा कि सरकारी क्षेत्र में ट्रेड यूनियनें कमजोर हो रही है। आज कोयला मजदूर रेवेन्यू शेयरिंग, एमडीओ, आउटसोर्सिंग पर बात नहीं करना चाहते हैं। वह अपनी संडे ड्यूटी, पोस्टिंग, प्रमोशन आदि की बात करते हैं। कहा कि मजदूरों को अब आगे बढ़कर संघर्ष करना होगा। चार लेबर कोड को लागू हो जाने से कई कंपनियों में 12 घंटे कार्य करने का नियम लागू किया गया है।इपीएफ के कानून में भी संशोधन की बात शुरू हो गयी है।

भाजपा नेता मधुसूदन सिंह ने कहा कि स्व. खान जैसे नेताओं ने कोयला मजदूरों के हित के लिए जिस लौ को प्रकाशित किया, वह आज भी पथ प्रदर्शक बन रही है। मजदूर अगर कमजोर होंगे, तो सामाजिक समरसता भी कमजोर होगी। ढ़ोरी क्षेत्र के विभागाध्यक्ष प्रशासन एवं मानव संसाधन कुमारी माला ने कहा कि स्व. खान की विचारधारा पर आगे बढ़े, यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

भाकपा नेता चंद्रशेखर झा ने कहा कि बेरमो को बचाने के लिए भी संघर्ष करना होगा। सीपीएम नेता भागीरथ शर्मा व सीटू नेता विजय कुमार भोई ने कहा कि आज पूरे विश्व पर साम्राज्यवादी ताकतें हावी हो रही है। इंटक नेता वीरेंद्र कुमार सिंह व सुबोध सिंह पवार ने कहा कि स्व. खान की विचारधारा मजदूरों, मेहनतकशों व आमजनों के बीच हमेशा जिंदा रहेगी। विस्थापित नेता काशीनाथ केवट ने कहा कि अगर सजग नहीं रहे तो श्रमिक संगठनों के अधिकार पूरी तरह से छीन जायेंगे।
वरिष्ठ माकपा नेता रामचन्द्र ठाकुर व भाकपा माले नेता भुवनेश्वर केवट ने कहा कि स्व. खान जैसे नेताओं की जरूरत आज ज्यादा बढ़ गयी है। मजदूर नेता आर. उनेश व विकास सिंह ने कहा कि स्व. खान जैसे नेताओं ने कोयला क्षेत्र के मजदूरों के लिए जो दिया, उसे संगठित होकर बचाने की जरूरत है।

श्रद्धांजलि सभा को जेसीएमयू के जय नारायण महतो,
जमसं के ओमप्रकाश सिंह उर्फ टीनू सिंह, भाकपा नेता गणेश प्रसाद महतो, अनंत लाल महतो, छत्तीसगढ़ी एकता मंच के श्याम नारायण सतनामी, जितेंद्र दुबे, भीम महतो, जवाहरलाल लाल यादव आदि ने संबोधित किया। मौके पर सुबोध आचार्या, मनोज पासवान, मो. शाहजहां, शिवनारायण गोप, सुनील कुमार शर्मा, कल्याण पटेल, बंधु गोस्वामी, हरिमोहन सिंह, तापस राय, जितेंद्र साव, सनत कुमार, चंद्रप्रकाश सिंह, बंधु गोस्वामी, प्रदुमन सोनी, भीम सेन सिंह, चांद शरद लाल, अमृत महतो, मो. असगर, किशोरी शर्मा, मो. निजाम, मो. आजाद, आनंद विद्यार्थी, ज्ञानशंकर विद्यार्थी सहित दर्जनों गणमान्य उपस्थित थे।

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