प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। गिरिडीह जिला के हद में बगोदर के पांच प्रवासी मजदूर पिछले वर्ष 25 अप्रैल 2025 को अज्ञात बंदूकधारी द्वारा काम करने के दौरान अपहरण कर लिया था। सभी अपहृत प्रवासी मजदूर 8 महीने से नाइजर में अपहरणकर्ता के चंगुल में रहे। अपराधियों के चंगुल से रिहा होने के बाद घर लौटते ही परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गयी।
वही प्रवासी मजदूर के लिए मसीहा बनकर उभरे समाजसेवी सिकंदर अली ने प्रवासी मजदूर संजय महतो से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। इस दौरान मुखिया तुलसी महतो ने भी उनसे भेंट किया।
बताया जाता है कि अपहरण की सूचना के बाद प्रवासी मजदूरो के घरों में दु:ख का पहाड़ टूट पड़ा था। वही 11 जनवरी को अपहृत दो प्रवासी मजदूर अपने घर पहुंचे तो दोनों के घरों में खुशी जाग उठी। इस दौरान आपबीती सुनते हुए अपहरणकर्ताओ के चंगुल से छूटे प्रवासी मजदूरों ने कहा कि वे केंद्र और राज्य सरकार को साधुवाद देते है।

घर लौटे प्रवासी मजदूर संजय महतो ने कहा कि नाइजर में अपहरण के दौरान सभी को बाइक में बैठाकर तथा आंख में पट्टी बांधकर बहुत दूर जंगल में ले जाकर रखा गया था। उन्होंने कहा कि जिस रात ले जाया गया था, उस रात में उन्हें अपहरणकर्ताओ द्वारा अपने से बना कर खाना खिलाया गया था। दूसरे दिन से सारे बर्तन वगैरह सारा कुछ दे दिया और जो भी सामान घटना था उन अपहरणकर्ता ला कर देता था। उन्होंने कहा कि उन्हें कोई तकलीफ नहीं थी। बस एक ही तकलीफ थी कि घर परिवार से बात नहीं करने दिया जाता था। उन्होंने कहा कि जंगल में बड़ा तिरपाल था उसपर कंबल बिछाकर रात और दिन गुजारा करते थे।
घर लौटे संजय महतो और उत्तम महतो ने कहा कि अब वे ऐसे देश में काम करने के लिए नहीं जाएंगे। जहां सुरक्षा मिलेगा वही काम करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर इंडिया में ही बढ़िया से रोजगार मिल जाएगा तो अब विदेश नहीं जाएंगे। कहा कि आज अपने परिवार से मिलकर उन्हें अपार हर्ष हो रहा है।
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