रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। सहयोगिनी द्वारा बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के दांतू आंगनबाड़ी केंद्र में 3 मई को खेल-खेल के माध्यम से बाल विवाह की रोकथाम तथा लड़कियों के नेतृत्व क्षमता को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण का शुरूआत किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम सत्र को संबोधित करते हुए सहयोगिनी की समन्वय कुमारी किरण ने कहा कि खेल को सिर्फ खेल नहीं, बल्कि सीखने और सोचने का एक तरीका मानना चाहिए़। उन्होंने कहा कि खेल के ज़रिए लड़कियों से जेंडर, शक्ति, समाज के नियम, शरीर, सहमति और अपने अधिकारों पर चर्चा कर नेतृत्व क्षमता का विकास किया जाएगा। कहा कि यह काम रिसर्च प्ले टू पावर से जुड़ा है।
जिसमें यह समझने की कोशिश की जा रही है कि खेल कैसे बाल विवाह, जबरन विवाह को रोकने में मदद कर सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित सभी किशोरियों के साथ विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का आयोजन किया गया। खेल-खेल के माध्यम से उनके बीच छिपी प्रतिभा को निखारते हुए उनके नेतृत्व क्षमता का विकास करने का कार्य किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान सहयोगिनी के निदेशक गौतम सागर ने बताया कि सहयोगिनी द्वारा बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के 30 गांव में लड़कियों के नेतृत्व क्षमता तथा उनके बीच होने वाली हिंसा को समाप्त करने के लिए लगातार कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते बाल विवाह को अंकुश लगाने के लिए किशोरियों का नेतृत्व क्षमता के साथ-साथ उनके अभिभावक तथा विभिन्न स्टेकहोल्डर के साथ चरणबद्ध तरीके से गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
सहयोगिनी की एनिमेटर मंजू देवी ने बताया कि गांव में किशोरी क्लब का गठन किया गया है, जिसके माध्यम से उनके बीच होने वाले हिंसा तथा बाल विवाह के मामलों को रोका जाता है। साथ ही उन्हें सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से भी जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान पौण्डा पंचायत की 40 किशोरियों के साथ विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस दौरान पायल कुमारी, स्वाति कुमारी, अनिता कुमारी आदि उपस्थित थे।
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