रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (सन् 1857) के महान क्रांतिकारी शहीद शेख भिखारी के शहादत दिवस पर 8 जनवरी को उनके शहादत स्थल रामगढ़ के चुटुपालू घाटी में शहादत सभा का आयोजन किया गया। यहां शहीद शेख भिखारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
ज्ञात हो कि चुटुपालू के उक्त स्थल पर बरगद के पेड़ से अंग्रेजों ने वर्ष 1858 ई. में शहीद शेख भिखारी को फांसी दी थी। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हजारों सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी एवं आम नागरिक शहादत स्थल पर पहुंचे और दुआ व श्रद्धांजलि अर्पित कर महान स्वतंत्रता सेनानी को याद किया।
इस अवसर पर झारखंड एकता मंच एवं अंजुमन अंसार की ओर से विशेष रक्तदान शिविर एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में गणमान्य जनों ने भाग लिया। मौके पर समाजसेवी सह पूर्व प्रत्याशी इमाम सफी भी उपस्थित रहे और स्वयं रक्तदान कर युवाओं को प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम सभी को महान स्वतंत्रता सेनानियों से सीख लेने की जरूरत है।
उन्होंने जाति, धर्म और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया और जबरदस्त एकता की मिसाल पेश की। इसके विपरीत आज के नेता जाति और धर्म की खुलेआम राजनीति कर समाज की भोली-भाली जनता को आपस में लड़ाने का काम कर रहे हैं। इसी कारण आज देश और झारखंड में जल, जंगल और जमीन की खुलेआम लूट हो रही है। लूट और झूठ की राजनीति को खत्म करने के लिए समाज में आपसी एकता बनाए रखना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हो गया।
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