अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। जहां गज और ग्राह के संघर्ष में स्वयं भगवान विष्णु ने अवतार लेकर मुक्ति का द्वार खोला था, उसी सारण जिला के हद में पावन श्रीगजेन्द्र मोक्ष देवस्थानम्, सोनपुर की धरा पर भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की त्रिवेणी बहने वाली है। आगामी 17 से 23 मई तक पुरुषोत्तम मास के इस दुर्लभ और पुण्यदायी अवसर पर श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का भव्य अनुष्ठान होने जा रहा है।
यह आयोजन पूज्य विश्ववन्द्य महायोगिराज श्रीत्रिदंडी स्वामीजी महाराज के दिव्य मंगलानुशासन एवं हरिहरक्षेत्र पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्रीलक्ष्मणाचार्यजी महाराज की ओजस्वी वाणी के सान्निध्य में संपन्न होगा।
जानकारी के अनुसार इस आध्यात्मिक महोत्सव का प्रारंभ आगामी 17 मई को प्रातः 7 बजे भव्य कलश यात्रा एवं पोथी यात्रा से होगा, जो क्षेत्र की शुद्धि और देवताओं के आह्वान का प्रतीक है। प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से सायं 6 बजे तक यहां भक्ति रस की धारा बहेगी।
सात दिवसीय दिव्य लीला दर्शन
बताया जाता है कि प्रथम दिवस 17 मई को भक्ति का मंगल प्रवेश, कलश पूजन एवं पोथी यात्रा, द्वितीय दिवस 18 मई को कर्दम-देवहुति प्रसंग, वैराग्य और गृहस्थ धर्म का संगम, तृतीय दिवस 19 मई श्रीभरत चरित्र वर्णन, भक्ति की पराकाष्ठा का दर्शन, चतुर्थ दिवस 20 मई को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, नंदगाँव सा आनंद और कान्हा का प्राकट्य, पंचम दिवस 21 मई श्रीरुक्मिणी विवाह, जीव और ब्रह्म के मिलन का उत्सव, षष्ठम् दिवस 22 मई को श्रीसुदामा चरित्र, अटूट मित्रता और शरणागति की महिमा तथा सप्तम दिवस 23 मई को राजा परीक्षित मोक्ष एवं पूर्णाहुति, भवसागर से पार उतारने वाली दिव्य कथा का आयोजन होगा।
इस बावत 10 मई को स्वामी लक्ष्मणाचार्यजी महाराज ने कहा कि कथा श्रवण मात्र से ही मनुष्य धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के पथ पर अग्रसर हो जाता है। कहा कि आयोजन समिति श्रीगजेन्द्र मोक्ष देवस्थानम् परिवार समस्त श्रद्धालु जनों को इस पुण्यमयी गंगा में डुबकी लगाने हेतु सादर आमंत्रित करती है। उन्होंने कहा कि 23 मई को विशाल दिव्य भंडारे के साथ इस आध्यात्मिक महाकुंभ का समापन होगा। पुरुषोत्तम मास के इस दुर्लभ योग में कथा रूपी अमृत का पान कर अपने जीवन को कृतार्थ करें।
![]()













Leave a Reply