Advertisement

बिहार में 89 भ्रष्ट लोक सेवकों को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने किया गिरफ्तार

बीते 10 माह के भीतर रही ब्यूरो की ये बड़ी उपलब्ध

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो बिहार ने इस वर्ष 31 अक्तूबर तक भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए राज्य के 89 भ्रष्ट लोक सेवकों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

बताया जाता है कि इस दौरान कुल 94 कांड भी अंकित किए गए। इनमें से 23 आरोपियों को न्यायालय से सजायाफ्ता घोषित कराए गए। रंगे हाथ रिश्वत लेने से संबंधित कांडों में ₹30,43,300 की राशि जब्त की गयी। यह आंकड़ा सारण जिला के हद में हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेला में बिहार पुलिस द्वारा लगायी गयी बिहार अपराध निरोध प्रदर्शनी के निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार की प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया है।

अन्वेषण ब्यूरो ने वर्ष 2010 से 31 अक्तूबर 2025 तक का आंकड़ा भी प्रदर्शित किया है, जिसमें बताया गया है कि उक्त अवधि में रिश्वत लेते रंगे हाथ 983 भ्रष्ट लोक सेवक पकड़े गए। भ्रष्टाचार की कार्रवाई करते हुए कुल 1263 कांड अंकित किए गए। इस दौरान सजायाफ्ता लोक सेवकों की संख्या 197 रही।

रंगे हाथ रिश्वत लेने से संबंधित कांडों में जब्त रिश्वत की राशि ₹3,29,05, 201 रही। यह भी बताया गया कि इस दौरान 45 भ्रष्ट लोक सेवकों की अवैध अर्जित संपत्ति जब्त की गई ₹32,18,10,984 मूल्य आंका गया है या इतने मूल्य की संपत्ति जब्त की गई है।

मेला में अपनी प्रदर्शनी के माध्यम से ब्यूरो ने आम जनता से अपील की है कि किसी लोक सेवक द्वारा अगर रिश्वत की मांग की जा रही है, तो निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के निम्न नंबरों पर संपर्क करें। कहा गया कि ब्यूरो को जन सहयोग मिले तो वह भ्रष्ट लोकसेवकों को गिरफ्तार करने और उन्हें सजा दिलाने से कदापि नहीं चुकेगी, बल्कि उसकी रफ्तार में और तेजी आयेगी।

एक युद्ध नशे के विरुद्ध नारकोटिक्स ड्रग्स बेचना, खरीदना, तस्करी की सूचना

हरिहर क्षेत्र मेला में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो पटना जोनल यूनिट, पटना प्रदर्शनी में नारकोटिक्स दवाओं के प्रकारों की जानकारी देते हुए बताया गया है कि नारकोटिक्स दवाओं के सेवन का कितना खतरनाक दुष्प्रभाव पड़ता है। चाहे गांजा हो हिरोईन या चरस इत्यादि नशाखोरी एक बुरी लत है। यह नशा करने वाले को और उसके परिवार को एवं समाज को भी बर्बाद कर देती है। युवकों एवं युवतियों के लिए यह बहुत ही खतरनाक है। नशीले पदार्थ की गैर कानूनी तरीके से खेती, उत्पादन, भंडारण, बिक्री, परिवहन या उपयोग दण्डनीय अपराध है।

इसके लिए अधिकतम 20 वर्षों तक की सजा का प्रावधान है। साथ ही, दो लाख रूपया या इससे अधिक का जुर्माना भी लगेगा। गंभीर मामलों में मृत्यु दण्ड भी दिया जा सकता है।
प्रदर्शनी में अफीम – गांजे की अवैध खेती करने पर 10 वर्षों तक की सजा व एक लाख रुपया तक का जुर्माना बताया गया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि अवैध अफीम – गांजे इत्यादि की अवैध खेती करने वाले के बारे में जमीन के मालिक व जन प्रतिनिधि भी खबर करें।

उनका भी कानूनी दायित्व है कि वे उनके क्षेत्र में हो रहे अवैध खेती की सूचना सक्षम पदाधिकारियों व विभागों को दे, अन्यथा वे भी दण्ड के हकदार होंगे। प्रदर्शनी में एक युद्ध नशे के विरुद्ध नारकोटिक्स ड्रग्स बेचना, खरीदना, तस्करी की सूचना से जन चेतना जगाने की कोशिश की गई है, क्योंकि जन भागीदारी से ही नशा मुक्त बिहार का कल्पना साकार होगा। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी का विभाग द्वारा आश्वासन भी दिया गया है।

जन -जन का एक ही नारा, नशा मुक्त हो बिहार हमारा

मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो बिहार, पटना की प्रदर्शनी में एक ही नारा गूंज रहा है। जन -जन का एक ही नारा, नशा मुक्त हो बिहार हमारा। यहां शराब पीने के दुष्परिणाम बताए जा रहे हैं।शराब पीने से लीवर और किडनी खराब होती है एवं कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। शराब के सेवन से परिवार आर्थिक रूप से बदहाल हो जाता है। शराब से मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में 2019 में कुल 26 लाख नशेड़ियों की मृत्यु

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार पूरे विश्व भर में वर्ष 2019 में कुल 26 लाख नशेड़ियों की मृत्यु शराब पीने से हुई थी। अगस्त 2025 तक बिहार में 1,194 आरोपियों को सजा दिलाई गई। इन सजायाफ्ता के अलावा 18 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हुई। इसके अलावा 15 वर्षों के भीतर यानी वर्ष 2010 से 31अक्तूबर 2025 के बीच की अवधि में 9 आरोपियों को मृत्यु दंड की सजा मिली। 223 आरोपियों को दस वर्ष से अधिक की सजा मिली है।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *