एस.पी.सक्सेना/बोकारो। दीप महोत्सव दीपावली के अवसर पर बीते 4 नवंबर की संध्या जहां बोकारो सहित पुरा देश लाइट से जगमगा रहा था। वहीं बोकारो इस्पात संयंत्र के बोकारो स्टील सिटी में भारत रत्न संविधान निर्माता बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की दो बड़ी बड़ी प्रतिमा एवं धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के नया मोड़ स्थित प्रतिमा स्थल अंधकार मे डूबा हुआ था।
इस संबंध में सेल एसीएसटी इंप्लाईज फेडरेशन बोकारो यूनिट के अध्यक्ष एमके अभिमन्यु ने 5 नवंबर को कहा कि पूरे बोकारो स्टील सिटी में घूम कर उन्होंने देखा कि सेक्टर 4 डी स्थित अंबेडकर मैदान के पास भारत रत्न संविधान निर्माता बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की बड़ी प्रतिमा लगी हुई है, लेकिन वह पुरी तरह अंधकार में डूबा हुआ है।

दूसरी प्रतिमा नगर सेवा भवन के पास स्थापित है। वहां भी लाइट नहीं जला हुआ है। वहां भी अंधेरा छाया हुआ है। बगल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रतिमा लगा हुआ है। वहां पर लाइट की व्यवस्था की गई है।
नया मोड़ स्थित धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के प्रतिमा के पास भी अंधेरा छाया हुआ था। सभी प्रतिमाओं के पास फेडरेशन की ओर से कैंडल जलाकर बाबा साहब और भगवान बिरसा के चरणो में कोटि-कोटि नमन किया।
साथ ही देखा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद एवं भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के पास लाइट से सजाया गया है, लेकिन भारत रत्न संविधान निर्माता अंबेडकर एवं धरती आबा बिरसा मुंडा के पास प्रबंधन की ओर से लाइट की व्यवस्था नहीं की गयी है।
इससे साफ जाहिर होता है की प्रबंधन कहीं न कहीं महापुरुषों के साथ अनदेखी कर रही है। जो कि सेल एससी एसटी इंप्लाईज फेडरेशन बोकारो यूनिट निरंतर प्रबंधन से महापुरुषों के पास लाइट लगाने एवं सीसीटीवी कैमरा लगाने की मांग करती रही है।
साथ ही सेक्टर तीन नगर सेवा भवन के समीप बने प्रतिमा बाबा साहेब की प्रतिमा के पास साफ सफाई एवं झरना चालू करने के लिए बात करती रही है। बाबा साहब की प्रतिमा के सामने अशोक का पेड़ है।
उसके लिए 15 अगस्त से एक सप्ताह पहले ही मुख्य महाप्रबंधक भूपेंद्र पोपली एवं हॉर्टिकल्चर के उप महाप्रबंधक समेंद्र झा से कई बार संपर्क करने पर केवल आश्वासन की घूंट मिलती रही है। इसके बावजूद अशोक के पेड़ का टहनी जो झाड़ की तरह घना हो गया है।
जिससे आने जाने वाले को साफ साफ प्रतिमा नहीं दिखाई देता है। फिर भी प्रबंधन का ध्यान बाबा साहेब की प्रतिमा की ओर नहीं जाती है।
उन्होंने कहा कि अगर प्रबंधन इन सभी समस्याओं की ओर इस तरह की अनदेखी करते रहेगी तो फेडरेशन बाध्य होकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, इस्पात मंत्री, एससी एसटी आयोग, पार्लियामेंट्री कमिटी, सेल चेयरमैन एवं डायरेक्टर इंचार्ज के पास इस बात को प्रमुखता से रखने का काम करेगी।
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