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कर्म योगी सीताराम रूंगटा की पुण्यतिथि पर खास:

कर्मयोगी सीताराम रूंगटा का जीवन समाज सेवा के कार्य में बीता-सुरेश पोद्दार

प्रहरी संवाददाता/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। कर्म योगी सीतारामजी रुंगटा का पूरा जीवन समाज सेवा के कार्य में हीं बीता। उन्हें जिस किसी पद की जिम्मेदारी मिलती थी, उसे बखूबी निभाया करते थे।

उक्त तथ्यों को चाईबासा रूंगटा कार्यालय के वरीय प्रबंधक सुरेश पोद्दार ने बताते हुए 17 अप्रैल को कहा कि कर्मयोगी सीताराम रूंगटा दलित, गरीबों और शोषितो की भी सुध ली थी। इसलिए यहां के रहिवासियों के बीच कर्मयोगी के रूप में जाने जाने लगे। उन्होंने बताया कि सीताराम रुंगटा वर्ष 1946 से 1950 तक चाईबासा नगर पालिका के उपाध्यक्ष पद पर कुशलता पूर्वक कार्य किए। इसके अलावा 1951 से 1989 तक चाईबासा नगर पालिका के चेयरमैन के पद पर बने रहे। उनके कार्यकाल में नगर पालिका के कार्यों का विकास हुआ। उनके अधीन चाईबासा में कई विकास के कार्य हुए, जिसे उन्होंने सुसज्जित तरीके से कराया। कहा कि 38 साल तक नगरपालिका का विकास कार्य हुआ जो अभी भी चाईबासा में दिखता है।

प्रबंधक पोद्दार के अनुसार दिवंगत सीताराम रूंगटा केमिकल उड़ीसा लिमिटेड में एमडी के पद पर सेवारत थे। उन्होंने अपने कार्यों का निर्वाहन बहुत ही शालीन तरीके से किया। इसके अलावा माइनिंग एसोसिएशन के प्रेसिडेंट के पद पर भी रहते हुए एसोसिएशन को नई दिशा दी। बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स पटना, बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन पटना, वनस्पति एसोसिएशन ओडिशा, फेडरेशन ऑफ इंडियन मिनरल को भी उन्होंने पहचान दिलाई। इसके अलावा कई सामाजिक संगठनों से आजीवन जुड़े रहे।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से भी कॉमर्स मंत्रालय, स्टील एंड माइंस, रेलवे मंत्रालय और लेबर मंत्रालय में भी रूंगटा महत्वपूर्ण पद पर कार्य किए। इसके अलावा बिहार और ओडिसा सरकार में भी योगदान दिया। वे छोटानागपुर प्लैनिंग एंड डेवलपमेंट बोर्ड रांची क्षेत्र ट्रांसपोर्ट रांची के सदस्य थे। सीताराम रुंगटा का जन्म दिसंबर 1920 को तथा निधन 17 अप्रैल 1994 को हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय मांगीलाल रूंगटा एक जाने-माने उद्योगपति सह समाजसेवी थे। इनके व्यवसाय को भी रूंगटा ने काफी आगे बढ़ाया। उनकी शिक्षा- दीक्षा कलकत्ता में हुई थी। उन्होंने 1940 में आईएमसी की परीक्षा कोलकाता विश्वविद्यालय से उतीर्ण की थी। इसके बाद वे बी कॉम विद्यासागर कॉमर्स कॉलेज कोलकाता से पास की।

शिक्षा ग्रहण करने के बाद वे अपने माता पिता के व्यवसाय को संभाला। रुंगटा ग्रुप का व्यवसाय माइनिंग ऑफ़ आयरन ओर, मैग्नीज ओर, क्रोमाइट, काईनाइट, ग्रेफाइट, लाइमस्टोन, डोलोमाइट और चीनी मिट्टी का है। वे सीताराम इलेक्ट्रोकेमिकल्स उड़ीसा लिमिटेड में एमडी के पद पर भी रहे थे। उन्होंने अपने कार्यों का निर्वाहन बहुत ही शालीन तरीके से किया। इसके अलावा ईस्टर्न जोन माइनिंग एसोसिएशन के प्रेसिडेंट के पद पर भी रहते हुए उन्होंने एसोसिएशन को नई दिशा दी। रेड क्रॉस सोसाइटी पश्चिम सिंहभूम जिला नेशनल कमेटी के उपाध्यक्ष के पद पर काम कर चुके थे।

इसके अलावा ऐसे सैकड़ों कमेटी है जिसके सदस्य के रूप में उन्होंने गौरव प्राप्त किया था। वर्तमान में मांगीलाल रूंगटा के नाम से स्कूल है जहां हजारों छात्र शिक्षा ग्रहण करते हैं। ट्रस्टी मेंबर के रूप में शंभू मंदिर चाईबासा, राजस्थान सेवा समिति पिलाई टाउन हॉल, करणी मंदिर, सूरज मैन चैरिटेबल, स्वामी रूपानंद देश सेवा धर्म संस्थान कोलकाता के भी ट्रस्टी थे। मारवाड़ी हिन्दी विश्वविद्यालय चाईबासा, टाउन क्लब चाईबासा तथा शंभू मंदिर की मानद सचिव थे। छोटानागपुर एजुकेशन काउंसिल ऑफ इंडिया मारवाड़ी फेडरेशन, बिहार बैडमिंटन एसोसिएशन रांची, विश्वविद्यालय सीनेट अभियंता एसोसिएशन ऑफ इंडिया के आजीवन सदस्य थे। रोटरी इंटरनेशनल द्वारा पाल हैरीश फेलो तथा सिल्वर एलीफेंट अवॉर्ड से वे सम्मानित किए जा चुके थे।

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