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संतोष पांडेय हत्या कांड में सात दोषी करार

संतोष पर दर्ज कराया गया था अपहरण का मामला
ममता सिन्हा/तेनुघाट(बोकारो)। वर्ष 2014 के चर्चित सँतोष पांडेय (Santosh Pandey) हत्याकांड में बीते 4 जनवरी को तेनुघाट (Tenu ghat) व्यवहार न्यायालय के जिला जज प्रथम राजीव रंजन ने निर्णय सुनाया। जिसमें दस अभियुक्त में से बैजनाथ महतो, गणेश भारती, नेमी पूरी, कैलाश पुरी, जितेंद्र पुरी, नीरज पुरी एवं केवल महतो को सिद्ध दोषी पाया। जबकि मामले के तीन अभियुक्त सत्येन्द्र गिरी, मेहलाल पूरी एवं सूरज पूरी को साक्ष्य के अभाव में रिहा किया गया। सभी सातों अभियुक्तों में से एक अभियुक्त बैजनाथ महतो पूर्व से जेल में बंद है तथा अन्य छह को दोषी पाने के बाद हिरासत में लेकर तेनुघाट जेल भेज दिया गया। सजा के बिंदु पर 12 जनवरी को सुनवाई होगी।
मालूम हो कि सूचक अनंत लाल पांडेय के लिखित आवेदन पर नावाडीह थाना कांड संख्या 55/14 दर्ज किया गया था। जिसमें अनंत लाल पांडेय ने अपने आवेदन में बताया कि उसके छोटे भाई संतोष कुमार पांडेय की हत्या पीट-पीटकर डुमरी विधायक जगन्नाथ महतो द्वारा अपने आवास के सामने मंदिर के समीप जनता दरबार स्थल के सामने माओवादियों के स्टाइल में पीटने का आदेश दिया गया। विधायक के भाई बैजनाथ महतो के अगुवाई में जितेंद्र पुरी, नेमी पूरी, गणेश भारती, कैलाश पुरी, केवल महतो, मेघलाल पुरी, सूरज पूरी द्वारा अमानवीय ढंग से संतोष को बुरी तरह से पीटा गया। उस समय डुमरी विधायक स्वयं उपस्थित थे। उनके ललकारने पर उपरोक्त आरोपियों द्वारा सूचक के भाई को मारते मारते बेहोश कर दिया गया। उसके बाद उसके इलाज के लिए डीवीसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई घटना 20 मार्च 2014 को घटी। उक्त बयान के आधार पर नावाडीह थामला में मामला दर्ज किया गया। अनुसंधान के क्रम में 10 अभियुक्तों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया। अनुसंधान के बाद उपरोक्त 10 अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप पत्र हत्या के मामले में दर्ज किया गया। आरोप पत्र समर्पित होने के बाद मामला स्थानांतरित होकर तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के जिला जज प्रथम राजीव रंजन के न्यायालय में आया। जहां दसों अभियुक्त के विरुद्ध हत्या का धारा 302/34 में आरोप गठन किया गया। अभियोजन की ओर से 34 गवाहों का बयान न्यायालय में दर्ज किया गया। गवाहों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य एवं परिस्थिति को देखते हुए न्यायालय में दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं ने अपने-अपने पक्ष रखें। जिसमें न्यायालय ने सात अभियुक्तों को हत्या के मामले में दोषी पाया तथा तीन अभियुक्तों को साक्ष्य के अभाव में रिहा किया। अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक संजय कुमार सिंह तथा सफाई पक्ष की ओर से अधिवक्ता सत्यनारायण डे, कुमार अनंत मोहन सिन्हा एवं अरुण कुमार सिन्हा ने किया।
मालूम हो कि पिटाई की घटना से पहले संतोष पांडेय के विरुद्ध अलारगो निवासी गणेश भारती के द्वारा अपहरण का मामला दर्ज कराया गया था। संतोष पांडेय की हत्या के बाद का मामला भी समाप्त हो गया था। घटना में डुमरी विधायक जगरनाथ महतो के विरुद्ध भी मामला दर्ज कराया गया था। मगर घटना के तत्काल बाद ही एसआईटी जांच में उनके विरूद्ध कोई साक्षय नहीं मिलने के बाद उन्हें क्लीन चिट दे दिया गया था।

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