एस. पी. सक्सेना/बोकारो। स्वयंसेवी संस्था सहयोगिनी एवं जस्ट राईट फॉर चिल्ड्रेन की ओर से बाल विवाह समाप्त करने को लेकर वैश्विक अंतरधार्मिक अभियान बोकारो के प्रसिद्ध राम मन्दिर से धार्मिक गुरुओं ने शुरुआत की।
बोकारो जिला के हद में जरीडीह, कसमार एवं पेटरवार प्रखंड में धर्मगुरुओ ने सामूहिक शपथ लेकर समाज में बाल विवाह को जड़ से समाप्त करने की अपील की। इस अवसर पर सहयोगिनी के निदेशक गौतम सागर ने कहा कि बाल विवाह धार्मिक रूप से भी बहुत बड़ा जुर्म है। उन्होंने कहा कि धर्म हमें सिखाता है कि बचपन सिखने, विकास और आध्यत्मिक विकास के लिए होता है। ब्रह्मचर्य आश्रम के बाद ही गृहस्थ आश्रम होता है। यह इस बात का प्रतिक है कि शिक्षा और परिपक्कता के बाद विवाह होना चाहिये। कहा कि बाल विवाह इस पवित्र व्यवस्था का उलंघन करता है और दुःख का कारण बनता है।
धर्म गुरुओं ने कहा कि धार्मिक कार्यों की अगुवाई करने के नाते आइये हम अपनी बेटियों कि रक्षा करें और सुनिश्चित करें कि किसी भी बच्चे को वयस्क होने के पहले विवाह बंधन में न धकेला जाय। हम सब मिलकर धर्म के मार्ग पर चले और करें बाल विवाह समाप्ति, भारत की समृद्धि है। कहा कि धर्म की शिक्षा इस बात पर जोर देता है कि समाज कि उन्नति लड़कियों की शिक्षा और सशक्तिकरण पर निर्भर करती है। बाल विवाह बच्चों का शिक्षा और सम्मान छीन लेता है।उन्होंने बाल विवाह के खिलाफ आवाज बुलंद करने का आह्वान किया। मौके पर धर्मगुरु सहित रवि कुमार राय, अनिल हेंब्रम, विकास कुमार गोस्वामी, सूर्यमणि देवी, सोनी कुमारी, मंजू देवी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
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