एस. पी. सक्सेना/पटना (बिहार)। बिहार की राजधानी पटना के प्रेमचंद रंगशाला में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमंडल का रंग षष्ठी नाट्य समारोह के चौथे दिन 19 सितंबर को रंगमंडल प्रमुख राजेश सिंह निर्देशित नाटक बाबू जी का मंचन किया गया। जिसमें पटना के दर्शकों ने भरपूर आनंद लिया।
उक्त जानकारी देते हुए प्रसिद्ध रंगकर्मी व् कलाकार साझा संघ के सचिव मनीष महीवाल ने बताया कि बाबूजी नाटक एक तरह से हमारे समाज के हर उस व्यक्ति का प्रतिनिधित्व करता है, जो ज़िन्दगी को अपनी स्वतंत्रता व शर्तों के साथ जीना चाहता है। बताया कि नाटक का नायक बाबूजी एक ऐसा नायक है, जो अपनी ज़िन्दगी में सामाजिक ज़िम्मेदारियों के साथ साथ अपने अंदर के कलाकार को भी जीवित रखना चाहता है। नौटंकी जैसे लोकनाट्य में उसका मन रमता है, पर उसकी इसी नौटंकी के प्रति प्रेम के कारण उसका अपना पारिवारिक जीवन भी बिखर जाता है।
उसे अपने ही घर से बाहर कर कर दिया जाता है। इन सब के बाद भी तबले की थाप और हारमोनियम की गूँज आख़िरी साँस तक बाबूजी के साथ रहती है। बिहार विश्वविद्यालय (वर्तमान में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय) मुजफ्फरपुर से स्नातक राजेश सिंह ने रंगकर्म के क्षेत्र में शुरुआती प्रशिक्षण श्रीराम सेन्टर फ़ॉर परफ़ॉर्मिंग आर्ट्स नई दिल्ली से प्राप्त किया। उन्होंने साहित्य कला परिषद रंगमण्डल व श्रीराम सेन्टर रंगमण्डल में एक कलाकार के रूप में भी काम किया।
वर्ष 2006 में उन्होंने रंग तकनीक व परिकल्पना में विशेषज्ञता के साथ राष्ट्रीय नाटय विद्यालय से स्नातक उपाधि प्राप्त की और 2008-09 में लन्दन एकेडमी ऑफ़ म्यूज़िकल एंड ड्रॅमॅटिक आट्र्स यूनाइटेड किंगडम से रंग परिकल्पना निर्देशन व मंच प्रबंधन का अध्ययन किया। उन्होंने परिकल्पना व निर्देशन की अपनी विशेष शैली विकसित की। उनके प्रशंसित निर्देशकीय कार्यों में ‘रारा’, ‘राग दरबारी’, ‘बाबूजी’ आदि शामिल हैं।
महीवाल ने बताया कि वर्ष 2009 में प्रो. राम गोपाल बजाज द्वारा निर्देशित नाटक लैला मजनूं की संगीत परिकल्पना के लिए राजेश सिंह को महिन्द्रा पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्हें वर्ष 2017 में दृश्य परिकल्पना के लिए केन्द्रीय संगीत नाटक अकादमी के बिस्मिल्लाह ख़ान युवा पुरस्कार एवं वीरेन्द्र नारायण सम्मान से सम्मानित किया गया। वे 54वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव (आईएफ़एफ़आई) में प्रिव्यू समिति के सदस्य रहे। वर्तमान में सिंह राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमण्डल के प्रमुख हैं।
प्रस्तुत नाटक के मंच पर बाबूजी राजेश सिंह व् सुमन कुमार, कौशल्या शिल्पा भारती व् पूजा गुप्ता, बड़कऊ मज़िबुर रहमान व् अंकुर सिंह, छोटकू सत्येन्द्र मलिक व् अंकुर सिंह, जगेसर नवीन सिंह ठाकुर तथा आलोक रंजन ने किरदार निभाया है। जबकि मंच से परे रंगमण्डल प्रमुख राजेश सिंह, प्रकाश अभिकल्पना अवतार साहनी, सहायक प्रतीक, समीर, ध्वनि तकनीशियन स्वर्ण लता, मुकेश कुमार, सहायक निदेशक शिव प्रसाद गोंड, कहानीकार मिथिलेश्वर, नाट्य रूपान्तरण विभांशु वैभव, मीडिया प्रभारी मनीष महिवाल, संगीत स्व. बी.वी. कारंत व् निर्देशक राजेश सिंह आदि शामिल है।
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