रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न गंभीर खतरों से एकजुट होकर निपटने और जस्ट ट्रांजिशन (न्यायसंगत बदलाव) के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से बीते 8 नवंबर को बोकारो के बहादुरपुर में प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। यह यात्रा बोकारो से रामगढ़ के लिए रवाना हुई।
जानकारी के अनुसार बोकारो के बहादुरपुर स्थित सहयोगिनी कार्यालय से कसमार मोड़ तक आयोजित प्रभात फेरी की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ की गयी। प्रतिभागियों ने जल, जंगल, जमीन बचाने के नारे लगाए। प्रभात फेरी को संबोधित करते हुए गोमिया के पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो ने कहा कि जल, जंगल, जमीन को बचाना समाज के हर नागरिक का दायित्व है। उन्होंने सामूहिक रूप से जलवायु परिवर्तन से होने वाली हानि को समाप्त करने पर जोर दिया।
न्यायसंगत बदलाव पर विचार गोष्ठी के साथ एक दिन पूर्व बोकारो के नया मोड़ स्थित बिरसा भगवान की मूर्ति पर माल्यार्पण कर एक नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी और पर्यावरण प्रेमी उपस्थित हुए। इसके बाद बोकारो जिला के हद में संडे बाजार स्थित शोषण मुक्ति वाहिनी के अब्दुल हमीद सभागार में गोष्ठी में स्थानीय ट्रेड यूनियन प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

जानकारी देते हुए सारथी नेटवर्क के गुलाबचंद ने 9 नवंबर को बताया कि यह यात्रा गोमिया प्रखंड के स्वांग पंचायत से मोटरसाइकिल एस्कॉर्ट के साथ आगे बढ़ी। जस्ट ट्रांजिशन यात्रा का उद्देश्य बताते हुए कसमार प्रखंड प्रमुख नियोति कुमारी, बाराडीह की मुखिया पुष्पा देवी, सहयोगिनी के निदेशक गौतम सागर ने कहा कि जंगल है तो जीवन है। नदी है तो जीवन है और जमीन है तो जीवन है। इस संदेश को समाज के हर कोने तक ले जाना है।
यह यात्रा झारखंड के भोगनाडीह से खूंटी के उलिहातू (बिरसा मुंडा का जन्म स्थल) तक आयोजित की गई है, ताकि समाज में एक मजबूत संदेश जाए। कार्यक्रम में प्रदान के जूबा, यूएमएफ के अफजल अनीस, सहयोगिनी की सूर्यमणि देवी, माधव कुमार, मंजू देवी, कुमारी किरण, रवि कुमार राय, अभय कुमार सिंह, प्रकाश कुमार महतो, विनीता देवी, रेखा देवी, संगीता देवी, पुष्पा देवी, नीतू कुमारी, लबोनी घोष, कुमार गौरव, नेपाल महतो, पायल कुमारी, अशोक महतो, सत्यम, प्रतीक आदि सहित बड़ी संख्या में स्थानीय रहिवासी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
![]()













Leave a Reply