रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में गोमियां विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं बिहार-झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री स्वर्गीय माधव लाल सिंह का राजनीतिक जीवन जनसेवा, ईमानदारी और जनता के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा है।
वे उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया और आम जनता की समस्याओं को अपनी प्राथमिकता माना। उनके निधन से गोमियां सहित पूरे बेरमो अनुमंडल और झारखंड की राजनीति में एक बड़ी क्षति हुई है।
दिवंगत माधव लाल सिंह का व्यक्तित्व अत्यंत सरल और सहज था। वे हमेशा आम जनों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को सुनते थे।
गोमियां विधानसभा क्षेत्र में उनका विशेष प्रभाव इसलिए भी था क्योंकि उन्होंने जनता के विश्वास को कभी टूटने नहीं दिया। उनके कार्यकाल में विकास योजनाओं में पारदर्शिता दिखाई देती थी और क्षेत्र में कमीशनखोरी जैसी शिकायतें लगभग नहीं के बराबर थीं। क्षेत्र के रहिवासी आज भी कहते हैं कि माधव बाबू के समय सरकारी कार्य बिना किसी बिचौलिये और रिश्वत के संपन्न होते थे।
उनकी सबसे बड़ी पहचान थी जनता दरबार। प्रत्येक सप्ताह आयोजित जनता दरबार में दूर-दराज गांवों से रहिवासी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते थे और उनका त्वरित निष्पादन किया जाता था। चाहे बिजली, सड़क, पानी, राशन, पेंशन या भूमि विवाद का मामला हो, वे संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई का निर्देश देते थे। यही कारण था कि जनता के बीच उनकी छवि एक जननायक और भरोसेमंद नेता की बनी रही।
माधव लाल सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन में शिक्षा, सड़क, सिंचाई और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। उन्होंने हमेशा गरीब, किसान, मजदूर और जरूरतमंद की आवाज उठाई। क्षेत्र के विकास के लिए उनकी सोच दूरदर्शी थी और वे चाहते थे कि गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचे।
राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर उन्होंने सभी वर्गों का सम्मान किया। यही वजह थी कि वे सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि क्षेत्र के अभिभावक माने जाते थे। आज भी गोमियां की जनता उनके कार्यों और व्यवहार को याद कर भावुक हो उठती है। स्वर्गीय माधव लाल सिंह का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। उनकी ईमानदारी, कार्यशैली और जनसेवा की भावना हमेशा आमजनों के दिलों में जीवित रहेगी।
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