रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के पिड़गुल चौक अब शहीद रघुनाथ महतो चौक के नाम से जाना जायेगा।
स्थानीय ग्रामीणों ने 9 नवंबर को उक्त चौक पर साईन बोर्ड स्थापित कर नामकरण किया। साथ हीं कहा गया कि रघुनाथ महतो ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ चुआड़ आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और उनकी वीरता आज भी जन सामान्य के लिए प्रेरणा का स्रोत है। चौक का नाम उनके नाम पर होने से नई पीढ़ी को भी उनके साहस और बलिदान की जानकारी मिलेगी।
कौन थे रघुनाथ महतो
इस अवसर पर बताया गया कि शहीद रघुनाथ महतो एक क्रांतिकारी थे, जिन्होंने वर्ष 1769 में ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ चुआड़ विद्रोह का नेतृत्व किया था। उनका जन्म 21 मार्च 1738 को सरायकेला खरसावां जिला के हद में घुटियाडीह गांव में हुआ था। उन्होंने अपना गांव, अपना राज; दूर भगाओ विदेशी राज जैसे नारे दिए थे। चुआड़ विद्रोह अंग्रेजों और स्थानीय जमींदारों के शोषण और अन्याय के खिलाफ एक आदिवासी विद्रोह था। यह विद्रोह 1767 से 1783 तक चला और रघुनाथ महतो के नेतृत्व में यह काफी प्रभावी रहा।
बताया गया कि 5 अप्रैल 1778 को अंग्रेजों से लड़ते हुए रघुनाथ महतो शहीद हो गए थे। रघुनाथ महतो सिर्फ इतिहास का नाम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और अस्मिता के प्रतीक हैं। उनके नाम पर चौक का नामकरण होना हमारे लिए गर्व की बात है।
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