एक ओर निर्माण और सजावट तो दूसरी ओर बिक्री भी जारी
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेले में अभी तक विभिन्न राज्यों से लेकर सूबे बिहार तक के अलग – अलग जिलों के दो सौ से अधिक दुकानें लग चुकी हैं। इनमें गर्म कपड़े, कोलकाता बाजार, न्यू बंबई बाजार, गीता प्रेस एवं ठाकुर प्रसाद की पुस्तक दुकानें, आयुर्वेदिक दवाई की दुकानें, खादी की दुकानें आदि शामिल हैं।
मेला के मीना बाजार थाना रोड में हरिहरनाथ चौक से ड्रोलिया सिंदूर चौक तक सड़क के दोनों तरफ लगभग दुकानें लग चुकी हैं। कहीं निर्माण कार्य चल रहा है तो कहीं दुकानों को सजाया जा रहा है। वहीं कुछ दुकानों में बिक्री भी जारी है। हैंडलूम एवं खादी भंडार, न्यू बांबे मीना बाजार आदि दुकानों में क्रय – विक्रय भी शुरू है। ड्रोलिया सिंदूर चौक से नखास थाना के निकट हरिहरनाथ द्वार के बीच सड़क के दोनों किनारे विविध वस्तुओं के स्टॉल और दुकान, कश्मीरी बाजार की दर्जनाधिक दुकानें, होटल आदि तैयार हो चुके हैं। उनकी सजावट आदि कार्य के साथ – साथ कुछ दुकानों में बिक्री भी शुरू हो चुकी है।
प्रदर्शनी एरिया में पर्यटन विभाग का मुख्य सांस्कृतिक पंडाल और मंच तेजी से तैयार हो रहा है। कल तक पूरा तैयार होने की संभावना है। पर्यटन विभाग के इस सांस्कृतिक पंडाल परिसर में आकर्षक विशिष्ट अतिथि कक्ष एवं प्रशासनिक भवन बनकर तैयार है। निकट ही सड़क के दक्षिणी साइड प्रदर्शनी एरिया में आर्ट एंड क्रॉफ्ट ग्राम में 35 दुकानों की बुकिंग हो चुकी है। यह मेला का सबसे बड़ा और आकर्षक बाजार है, जिसमें बांस -कला, हस्त- कला से लेकर विविध सामग्री की दुकानें, होटल, नन्हें बच्चों के झूले, महिलाओं के समस्त श्रृंगार प्रसाधन आदि एक ही जगह उपलब्ध है।
इस बाजार के पूर्वी मुख्य द्वार के ठीक सामने सड़क के पूरब थियेटर चौकी रोड में ग्राम श्रीमंडप, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन सहित लगभग प्रतिवर्ष लगनेवाले सभी सरकारी विभागों की प्रदर्शनियां लग रही हैं। इसके अलावा कृषि प्रदर्शनी प्रांगण में दर्जनों दुकानें सजती हैं जहां से बिहार भर के किसान अपनी जरूरत की चीजें खरीदकर ले जाते हैं। वैज्ञानिक खेती की उन्हें जानकारी भी विशेषज्ञों की ओर से दी जाती है। उन्नत बीज एवं पौधे भी यहां बिकते हैं।
देशी -विदेशी पर्यटकों के लिए बना स्विस कॉटेज
पंजाब नेशनल बैंक शाखा सोनपुर डाक बंगला रोड स्थित अंग्रेजी बाजार के प्रशासनिक एरिया में लगभग एक दर्जन प्रशासनिक शिविर और पंडाल सज – धज कर तैयार हो चुके हैं। जो कार्य उनमें अधूरे पड़े हैं उसको पूरा किया जा रहा है। पर्यटन विभाग के विभागीय परिसर में देशी – विदेशी पर्यटकों के लिए आधा दर्जन स्विस कॉटेज बन कर तैयार हैं। इस कॉटेज में निर्धारित शुल्क पर ठहरा जा सकता है।
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