रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के मंजुरा गांव में आयोजित पारंपरिक लाठी खेल प्रतियोगिता का 12 जुलाई को भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड सरकार के मंत्री योगेंद्र प्रसाद के पुत्र बिनय कपूर, कसमार प्रखंड प्रमुख नियोती कुमारी तथा विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद सेरे आलम ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।
इस अवसर पर उपरोक्त अतिथियों ने स्वयं मैदान में उतरकर लाठी खेल का प्रदर्शन भी किया, जिससे खिलाड़ियों और ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रतियोगिता में आसपास के विभिन्न गांवों से आए खिलाड़ियों ने पारंपरिक लाठी खेल की शानदार प्रस्तुति दी। बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने खेल का आनंद लिया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन स्थल पर पारंपरिक संस्कृति और खेल भावना का अनूठा संगम देखने को मिला।
इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि लाठी खेल केवल एक खेल नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपरा, वीरता और आत्मरक्षा की पहचान है। ऐसे आयोजनों से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, शारीरिक क्षमता और भाईचारे की भावना मजबूत होती है। उन्होंने युवाओं से अपनी लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने तथा आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति, खिलाड़ियों एवं क्षेत्र के सभी ग्रामीणों को साधुवाद देते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के निरंतर आयोजन की शुभकामनाएं दीं। मौके पर मंत्री पुत्र बिनय कपूर ने कहा कि लाठी खेल हमारी सांस्कृतिक धरोहर और पूर्वजों की विरासत है। आधुनिक दौर में इस तरह के पारंपरिक खेलों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। इससे युवाओं में आत्मरक्षा की भावना विकसित होती है और वे अपनी संस्कृति से जुड़े रहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों को लगातार बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी अपनी परंपराओं को गर्व के साथ आगे बढ़ा सके।
प्रखंड प्रमुख नियोती कुमारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक खेलों का आयोजन सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करता है। लाठी खेल युवाओं को अनुशासन, संयम और साहस का संदेश देता है। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन गांवों की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद सेरे आलम ने कहा कि खेल समाज को जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। लाठी खेल हमारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जिसे संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे और सामाजिक बुराइयों से दूर रखकर खेलों से जोड़ने में ऐसे आयोजन बेहद प्रभावी साबित होते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
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