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जन सहयोग से बेहतर इलाज के लिए पुलिस अत्याचार के शिकार मनीष गया पटना

माले जांच टीम ने पीड़ित के गांव-घर का किया दौरा, पड़ोसियों से ली जानकारी

एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। समस्तीपुर जिला के हद में ताजपुर स्थित सोनी फैंसी ज्वेलरी चोरी कांड में पुलिस अत्याचार के शिकार मनीष कुमार की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सक ने बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिय, जहां जनसहयोग से उसे पटना भेजा गया।

उक्त प्रताड़ना की घटना को लेकर भाकपा माले की टीम 7 जनवरी को पीड़ित के गांव-घर का दौड़ा कर घटना के संबंध में पड़ोसियों से बातें की। इस बाबत भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि पीड़ित मनीष पर पहले से कोई आरोप या शिकायत नहीं है। गरीब परिवार का लड़का है। दुकान में काम कर परिवारजनों का जीवन-यापन करता है। कहा गया कि ज्वेलरी चोरी कांड में पुलिस उसे दो-दो बार गिरफ्तार की। उसे हाजत में रखकर थर्ड डिग्री टार्चर किया गया। इससे उसकी हालत खराब हुई।

माले नेता सिंह ने पुलिस के दबाव में रेफरल अस्पताल द्वारा उसे ठीक होना बताये जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यदि पीड़ित ठीक है तो उसे सदर अस्पताल से रेफर क्यों किया गया? पुलिस अपना बचाव कर रही है। उन्होंने बताया कि स्थानीय रहिवासियों में पुलिस जुल्म के खिलाफ उबाल है। कहा कि रहिवासियों द्वारा आंदोलन का योजना बना लिया गया है, लेकिन उनकी निगाह पुलिस अधीक्षक द्वारा डीएसपी वन के नेतृत्व में गठित जांच टीम की रिपोर्ट एवं कार्रवाई का इंतजार है। अगर जल्द मामले की जांच कर दोषी पुलिस अधिकारी पर कारवाई नहीं की गई तो ताजपुरवासी गोलबंद होकर सर्वदलीय आंदोलन का रूख करेंगे।

अंचल कर्मी द्वारा नजराना वसूलने का वीडिओ वायरल, जांच का विषय

एक अन्य जानकारी के अनुसार ताजपुर अंचल के एक कर्मचारी का घूस लेते विडियो सोशल मिडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जाता हैं कि उक्त कर्मचारी द्वारा आरओ तथा सीओ को मैनेज करने के नाम पर बतौर नजराना ₹30 हजार लिया गया है। हालांकि इसकी पुष्टि *जगत प्रहरी* नहीं करता है। बावजूद इसके यह जांच का मामला बनता है। जांच के बाद ही पता चलेगा कि मामले में सच्चाई क्या है?

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