एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। बिहार में अपराधियों, बलात्कारियों, माफियाओं को रस्सा नहीं बांधा गया, लेकिन नौकरी मांगने गये छात्र-युवाओं को रस्सा से बांधकर जेल भेजा गया। यह छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर बर्बर हमला है। अन्याय है और बिहार के छात्र-युवा भाजपा के लाठी-गोली की सम्राट सरकार की इस कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
बिहार की राजधानी पटना में बीते 8 मई को पुलिस लाठीचार्ज न गिरफ्तार छात्रों को रिहा करने, खाली पड़े पदों पर बहाली करने को लेकर छात्र आंदोलन तेज करने की बिहार के छात्रों से 9 मई को आइसा जिला प्रभारी सह समस्तीपुर के भाकपा माले जिला स्थायी समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने अपील की है।
माले नेता सिंह ने कहा कि बिहार में नेता अपने बेटे को बिना चुनाव जीते मंत्री बनवा रहे हैं और युवाओं द्वारा कठिन परिश्रम कर डिग्री प्राप्त कर नौकरी मांगने पर लाठी-डंडे चला रहे हैं। छात्रों व् युवाओं पर एफआईआर कर रहे हैं और रस्सा लगाकर जेल भेज रहे हैं। यह भाजपा सरकार का दोमूंहा नीति है। अन्याय है और इसके खिलाफ सड़क पर संघर्ष तेज करने की अपील बिहार के छात्र- युवाओं से माले नेता ने की है।
![]()













Leave a Reply