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फेस टू विद्यालय में के. बी. कॉलेज एनएसएस इकाई ने चलाया जागरूकता कार्यक्रम

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर बोकारो जिला के हद में के. बी. कॉलेज बेरमो के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) ईकाई ने 30 जुलाई को राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय कारो स्पेशल फेस टू में बाल तस्करी, पॉक्सो कानून एवं बाल अधिकारों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाया।

जानकारी के अनुसार के. बी. कॉलेज के प्राचार्य के निर्देश एवं कार्यक्रम पदाधिकारी के नेतृत्व में विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस ( वर्ल्ड डे अगेंस्ट ट्रैफिकिंग इन पर्सन) के अवसर पर विद्यालय परिसर में बाल तस्करी, पॉक्सो कानून एवं बाल अधिकारों पर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर प्राचार्य लक्ष्मी नारायण ने बताया कि विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस हमें मानव तस्करी की रोकथाम के बारे में जागरूक किया जाता है। कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ प्रभाकर कुमार ने बाल अधिकारों, बाल तस्करी के विभिन्न प्रकारों तथा पॉक्सो कानून की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

कार्यक्रम पदाधिकारी ने कहा कि बाल तस्करी गंभीर अपराध है। इसमें कमजोर बच्चों को कई तरह के शोषण का सामना करना पड़ता है, जिसमें यौन शोषण, जबरन मजदूरी, भीख मांगना, छोटे मोटे अपराध, बाल विवाह, सशस्त्र संघर्ष, अवैध तरीके से गोद लेना आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मानव व बाल तस्करी का आधार घरेलू सेवा, सेक्स ट्रैफिकिंग, जबरन मजदूरी, बंधुआ मजदूरी, बाल श्रम, जबरन विवाह आदि हैं।

उन्होंने मानव तस्करी के कानूनों पर विशेष प्रकाश डाला तथा कहा कि भारतीय संविधान में अनुच्छेद 23(1) मानव तस्करी और जबरन श्रम पर प्रतिबंध लगाता है। जबरन श्रम/ भीख मंगवाने के लिए या इस प्रकार के अन्य कार्यों के लिए मानव तस्करी प्रतिबंधित है व इसका उल्लंघन कानून के अनुसार एक दंडनीय अपराध है। कहा कि अनैतिक तस्करी (रोकथाम) अधिनियम, 1986 देह व्यापार के लिए तस्करी को दंडित करता है।

कहा कि बंधुवा श्रम प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976, बाल श्रम (निषेध व उन्मूलन) अधिनियम, 1986 और किशोर न्याय अधिनियम भारत में बंधुआ और जबरन श्रम पर प्रतिबंध लगाते हैं। भारतीय दंड संहिता की धारा 366 (ए) और 372 क्रमशः अपहरण और नाबालिगों को वेश्यावृती से बचने पर रोक लगाती है। उन्होंने बाल तस्करी को परिभाषित करते हुए इसके प्रकारों व कानून की जानकारी दी। साथ साथ बाल अधिकार को भी बताया और पॉक्सो कानून की परिसीमाओं की जानकारी स्कूल के सभी हितधारकों को दी।

मौके पर उपस्थित एनएसएस के स्वयं सेवक ने भी भाषण के माध्यम से संदेश देने का कार्य किया। जिनमें सुमीत कुमार सिंह, अमन तिवारी, कृष दास, रेशमा परवीन, अंतरा कुमारी, सोनू कुमार शर्मा, मिलन कुमार गुप्ता, तनीषा प्रवीण, करण कर्मकार, सोनी कुमारी, रिया कुमारी, मोहिनी कुमारी, नीतू कुमारी आदि शामिल थे। जागरूकता अभियान में कार्यक्रम पदाधिकारी के अलावा उत्क्रमित मध्य विद्यालय कारो स्पेशल फेस टू के प्रधानाध्यापक निरंजन प्रसाद ठाकुर अन्य शिक्षकगण, छात्र-छात्रा एवं एनएसएस के स्वयं सेवकों की उपस्थिति रही।

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