एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में बेरमो प्रखंड के जारंगडीह स्थित के बी कॉलेज बेरमो में 13 नवंबर को झारखंड राज्य स्थापना दिवस समारोह सह जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कॉलेज के राष्ट्रीय सेवा योजना, कल्चरल कमिटी एवं आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में झारखंड राज्य स्थापना दिवस समारोह सह जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया।
जानकारी के अनुसार झारखंड राज्य स्थापना दिवस समारोह सह जनजातीय गौरव दिवस कॉलेज के प्राचार्य लक्ष्मी नारायण की अध्यक्षता में विधिवत् दीप प्रज्ज्वलित कर मनाया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य ने धरती आवा भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प से श्रद्धांजलि देते हुए शुरू किया। उपस्थित सभी व्याख्याताओं व् छात्र छात्राओं ने पुष्प से श्रद्धांजलि दी, तदोपरांत बिरसा मुंडा के जीवन दर्शन एवं जनजातीय गौरव दिवस की चर्चा की गई।
प्राचार्य लक्ष्मी नारायण ने कहा राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस भगवान बिरसा मुंडा के प्रति हमारी कृतज्ञता, आदर और श्रद्धांजलि का प्रतीक है। कल्चर कमिटी कॉ-ओर्डिनेटर डॉ नीला पूर्णीमा तिर्की ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन प्रेरणा श्रोत है, जो हमें साहस, संघर्ष व सामाजिक न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का संदेश देता है। आईक्यूएसी सदस्य डॉ अलीशा वंदना लकड़ा, डॉ मधुरा केरकेट्टा ने कहा कि जनजातीय समाज के स्वाभिमान और उनके अधिकारों की रक्षा में भगवान बिरसा मुंडा का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
इस दौरान कॉलेज के एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ प्रभाकर कुमार ने कहा कि यह अवसर सभी भारतीयों को याद दिलाने का भी है कि जनजातीय समाज भारत की संस्कृति का एक महत्वपूर्ण व अभिन्न हिस्सा है। उनके योगदानों को हमें सदैव संजोकर रखना चाहिए। व्याख्याता प्रो. अमीत कुमार रवि ने कहा कि भारतीय इतिहास और संस्कृति में अनुसूचित जनजातियों के योगदान का सम्मान करने के लिए 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 2000 में झारखंड राज्य अस्तित्व में आया था। इसलिए यह दिवस राज्य स्थापना का रजत जयंती वर्ष के रूप में हम सभी मना रहे है।

इस अवसर पर कॉलेज के छात्र, छात्राओं एवं एनएसएस के स्वयं सेवकों ने बिरसा मुंडा के जीवन दर्शन, जनजातीय गौरव दिवस एवं झारखंड राज्य की स्थापना दिवस के संदर्भ में पोस्टर सह चित्रकारी, भाषण, निबंध प्रतियोगिता में भाग लिया। साथ ही सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति भी दी। भाषण प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल के अध्यक्ष डॉ अलीशा वंदना लकड़ा एवं सदस्य डॉ अरुण रंजन रहे। प्रथम अंतरा कुमारी, द्वितीय जाकुल अंसारी, तृतीय सुमीत सिंह रहे।
निबंध प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल के अध्यक्ष डॉ मधुरा केरकेट्टा एवं डॉ वासुदेव प्रजापति रहे। प्रथम सुलेखा कुमारी, द्वितीय विमल कुमार केवट, तृतीय समीना प्रवीण रही। पोस्टर सह चित्रकारी प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल अध्यक्ष प्रो. विपुल कुमार पांडेय, सदस्य प्रो. अमित कुमार रवि रहे। प्रथम सुमीत कुमार सिंह, द्वितीय युवांशी कुमारी, तृतीय सोनिका कुमारी, चतुर्थ स्थान मो. जाकूल अंसारी रहे।
आयोजित तीनों प्रतियोगिता के प्रथम, द्वितीय व् तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति एवं प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र दिया गया। कार्यक्रम में मंच संचालन कल्चर कमिटी कॉर्डिनेटर डॉ नीला पूर्णीमा तिर्की व् धन्यवाद ज्ञापन हिंदी विभाग के डॉ अरुण रंजन ने किया।
वहीं इस अवसर पर आयोजित झारखंड राज्य स्थापना दिवस समारोह कार्यक्रम में प्राचार्य लक्ष्मी नारायण, डॉ नीला पूर्णीमा तिर्की, डॉ अलीशा वंदना लकड़ा, डॉ मधुरा केरकेट्टा, डॉ साजन भारती, डॉ प्रभाकर कुमार, डॉ वासुदेव प्रजापति, प्रो. अमीत कुमार रवि, प्रो. विपुल कुमार पांडेय, डॉ अरुण रंजन, डॉ सुशांत बैरा, डॉ शशि कुमार, प्रो. पी पी कुशवाहा, प्रो. संजय कुमार दास, प्रो. सुनीता कुमारी, कार्यालय कर्मी रविंद्र कुमार दास, सदन राम, रवि कुमार यादविंदु, मो. साजिद, शिव चन्द्र झा, कलावती देवी, सुसारी देवी, आशा देवी समेत कॉलेज के छात्र छात्रा, एनएसएस स्वयं सेवकों की उपस्थिति रही।
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