सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी जल मिशन योजना पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में हिरजीहाटिंग गांव में पूरी तरह विफल साबित रही है। प्रभावित क्षेत्र के रहिवासी बूंद बूंद जल के लिए तरसते रहे है।
जानकारी के अनुसार, लगभग चार साल पहले हिरजीहाटिंग में सोलर आधारित एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत वर्ष 2022 में जल मीनार का निर्माण कराया गया था, जिसका उद्देश्य ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना था। हैरानी की बात यह है कि जल मीनार स्थापित होने के चार साल बाद भी आज तक उससे एक बूंद भी पानी रहिवासियों को नसीब नहीं हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गई है, जबकि जमीनी स्तर पर इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इसको लेकर हिरजीहाटिंग की महिलाओं ने नाराजगी जताते हुए बीते 16 अप्रैल को जल मीनार के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
विरोध कर रही महिलाओं का कहना है कि सरकार ने हर घर जल का वादा किया था, लेकिन आज तक गांव में पाइपलाइन तक नहीं बिछाई गई है। न ही जल मीनार से जलापूर्ति शुरू की गई है, जिससे ग्रामीणों को आज भी पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द योजना को चालू किया जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि गांव को शुद्ध पेयजल मिल सके।
![]()













Leave a Reply