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एकात्म मानववाद मानव जीवन व संपूर्ण सृष्टि के एकमात्र संबंध का दर्शन-उपेन्द्र सिंह

अंत्योदय दिवस के रूप में मनायी गयी पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में सोनपुर रजिस्ट्री बाजार स्थित भाजपा कार्यालय में 25 सितंबर को एकात्म मानववाद के जनक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती अंत्योदय दिवस के रूप में मनायी गयी। अंत्योदय दिवस कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं संचालन नगर अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह बबलू ने किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय के तैल चित्र पर पुष्पांजलि एवं वंदे मातरम से किया गया। मुख्य अतिथि गुजरात से आए प्रवासी विस्तारक विक्रम चौहान ने कहा कि पंडित दीनदयाल का जन्म 25 सितंबर 1916 को राजस्थान के अजमेर रेलवे लाइन के पास धनकिया नामक स्थान में हुआ था। उनके पिता का नाम भगवती प्रसाद उपाध्याय था। उन्हें पंडितजी के नाम से जाना जाता है। वे एक भारतीय राजनीतिक भारतीय जनसंघ के नेता थे। उन्होंने कहा कि दीनदयाल स्वालंबन योजना के तहत राज्य सरकार स्टार्टअप को ऋण दिए जाने वाले ऋण पर सब्सिडी के रूप में वित्तीय सहायता कर रही है।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता उपेन्द्र सिंह ने कहा की एकात्म मानववाद मानव जीवन व संपूर्ण सृष्टि के एकमात्र संबंध का दर्शन है। इसका पूर्ण वैज्ञानिक विवेचन पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने किया था। इसी विचार को सम्मान देने और उनके योगदान को याद रखने के लिए वर्ष 2014 में केंद्र सरकार ने 25 सितंबर को अंत्योदय दिवस घोषित किया। वरीय नेता नरेश सिंह ने कहा की यह दिन हमें याद दिलाता है कि समाज के सबसे कमजोर तबके को सशक्त बनाना ही असली विकास है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत विभिन्न योजनाओं की शुरुआत हुआ। यथा दीनदयाल अंत्योदय योजना, दीनदयाल ग्रामीण कौशल योजना, दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना आदि। कहा कि अंत्योदय का मतलब होता है समाज में सबसे आखिरी व्यक्ति के उत्थान और विकास को सुनिश्चित करना।

धन्यवाद ज्ञापन नमामि गंगे के जिला संयोजक सुनील दुबे ने किया। समारोह में मंडल उपाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह एवं राजेश सिंह सोलंकी, प्रदेश नेता रवि रौशन एवं विकास कुमार, जी.एन बाबु, अनवर अली, वीरेंद्र प्रसाद, उमाशंकर सिंह, मनोज कुमार सिंह, सूर्याप्रकाश सिंह मुन्ना, अभय कुमार सिंह, दुर्गादास, नंदन राम, शत्रुघ्न सिंह चंद्रवंशी, जेपी सेनानी मांधाता सिंह, अंकित राज आदि शामिल थे।

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