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गंगा किनारे कटाव रोधी कार्य का अधिकारियों संग उपमुख्यमंत्री द्वारा निरीक्षण

सबलपुर में प्रशासनिक दावों के बीच धरातल पर संकट; संसाधन नदारद

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। बिहार के उपमुख्यमंत्री सह सारण जिला प्रभारी मंत्री विजेंद्र यादव ने 7 जुलाई को सारण जिला के हद में सोनपुर प्रखंड के सबलपुर पछियारी में गंगा किनारे चल रहे कटाव रोधी कार्य का हाई-लेवल अधिकारियों के साथ औचक निरीक्षण किया। आगामी बाढ़ के खतरे को देखते हुए उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट लहजे में युद्धस्तर पर कार्य तेज करने और सभी जरूरी संसाधन तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

हालांकि, प्रशासनिक सख्ती के बावजूद धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है और क्रेट की कमी के कारण निरीक्षण के दिन भी काम प्रभावित रहा, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी चिंता और मायूसी देखा गया।

जानकारी के अनुसार निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक और जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता के साथ पहुंचे उपमुख्यमंत्री ने संभावित बाढ़ के मद्देनजर फ्लड फाइटिंग की सभी तैयारियां समय से पूरी करने को कहा। उन्होंने विभाग को बेहद संवेदनशील स्थलों पर चौबीसों घंटे विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी।

बताया जाता है कि उपमुख्यमंत्री के कटाव स्थल से प्रस्थान के बाद स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने डीएम के समक्ष कटाव रोधी कार्य की धीमी प्रगति और संसाधनों की घोर कमी का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कार्य में भारी शिथिलता बरती जा रही है। आवश्यक क्रेट की कमी के कारण काम बार-बार बाधित हो रहा है।

जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि पूर्व में भी क्रेट न होने से पूरा एक कार्यदिवस बर्बाद हो चुका है। वहीं दूसरी ओर, महुआबाग के ग्रामीणों ने कार्य की तकनीकी खामियों पर भी गंभीर आपत्ति जताई। ग्रामीणों का कहना था कि काम की शुरुआत अपस्ट्रीम (ऊपरी प्रवाह) क्षेत्र से करने के बजाय सीधे बीच से की जा रही है, जिससे सबसे ज्यादा संवेदनशील हिस्सों पर कटाव का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है।

ग्रामीणों की चिंता और आशंकाओं को देखते हुए जिलाधिकारी ने स्वयं अपस्ट्रीम के 8 लूपों का निरीक्षण किया तथा वहां चल रहे कार्य की प्रगति और संसाधनों की उपलब्धता की समीक्षा की। निरीक्षण के बाद उन्होंने संवेदनशील स्थलों पर तीनों शिफ्टों में युद्धस्तर पर कार्य संचालित करने का निर्देश दिया। साथ ही मुख्य अभियंता को संसाधनों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कार्य प्रगति की नियमित निगरानी करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्य अभियंता खुद संसाधनों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करें और दैनिक मॉनिटरिंग रिपोर्ट तैयार करें।

स्थानीय ग्रामीण रहिवासियों के अनुसार प्रशासनिक अमले के इतने कड़े निर्देशों और दावों के बावजूद, 7 जुलाई को निरीक्षण के बाद भी साइट पर क्रेट उपलब्ध नहीं हो सका। इधर एक तरफ गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और दूसरी तरफ संसाधनों की कमी से काम प्रभावित है। ग्रामीणों को डर है कि अगर समय रहते आपूर्ति नहीं सुधरी, तो बाढ़ आते ही पूरा इलाका नदी में समा सकता है।

निरीक्षण के दौरान सांसद प्रतिनिधि राकेश सिंह, हैजलपुर के मुखिया अनिल सिंह, रिंग बांध निर्माण समिति के अध्यक्ष व पूर्व मुखिया धर्मेंद्र राय, पूर्व मुखिया दीपक शर्मा, सबलपुर मध्यवर्ती पंचायत के मुखिया दिनेश राय और अविनाश कुमार सहित भारी संख्या में आक्रोशित और चिंतित ग्रामीण रहिवासी उपस्थित थे।

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