एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। देश की महारत्न कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड की अनुशंगी इकाई सेंट्रल कोलफील्डस लिमिटेड (सीसीएल) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अपने कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के समग्र विकास, समावेशी प्रगति एवं सतत भविष्य निर्माण की दिशा में एक सशक्त, संवेदनशील एवं दूरदर्शी कदम उठाया है।
सीसीएल के जनसंपर्क विभाग द्वारा 18 अप्रैल को जारी विज्ञप्ति के अनुसार कंपनी ने अपने कमांड क्षेत्रों के समुदायों को केंद्र में रखते हुए स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, आजीविका, कौशल विकास, खेल, पर्यावरण एवं पशु कल्याण जैसे विविध क्षेत्रों में योजनाबद्ध एवं प्रभावी पहलों की शुरुआत की हैं। इसका सकारात्मक प्रभाव व्यापक स्तर पर दिख रहा है।
कहा गया कि सीसीएल का यह प्रयास मात्र सांख्यिकीय उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन हजारों परिवारों के जीवन स्तर में हुए वास्तविक एवं सार्थक परिवर्तन की अभिव्यक्ति है, जिनके जीवन में इन पहलों ने नई आशा, अवसर और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त किया है। स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में सीसीएल की पहल समाज के कमजोर वर्गों तक जीवनरक्षक सेवाएं पहुंचाने का सशक्त माध्यम बना है। कहा गया कि झारखंड के रामगढ़ में बन रहा अत्याधुनिक केंद्रीकृत किचन एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, यह हर दिन 50,000 बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने का माध्यम बनने जा रहा है।
अक्षय पात्र फाउंडेशन के सहयोग से ₹15.09 करोड़ की लागत से बन रही यह रसोई, जहां पौष्टिक भोजन तैयार होगा, जो कुपोषण के खिलाफ एक मजबूत हथियार बनेगी। वहीं टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय अभियान में चतरा और लातेहार के दूरस्थ इलाकों में टीबी से जूझ रहे 5,140 मरीजों के लिए निक्षय मित्र पहल एक सहारा बनकर उभरी है। ₹2.93 करोड़ की इस पहल ने इलाज के साथ-साथ पोषण और देखभाल की वह कड़ी जोड़ी है, जो अक्सर छूट जाती है। परियोजना के अंतर्गत अब तक भारत सरकार के निक्षय पोर्टल पर 3574 लाभार्थियों का आच्छादन एवं मैपिंग की गई है।

कहा गया कि संचालित नन्हा सा दिल परियोजना सीसीएल की संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसके तहत श्रीसत्य साई हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के सहयोग से ₹9.54 करोड़ की लागत से झारखंड के पांच जिलों में 45,000 स्कूली बच्चों की जन्मजात हृदय रोग की जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 39,266 बच्चों की स्क्रीनिंग, 555 ईको जांच तथा 115 सफल सर्जरी की जा चुकी हैं।
विशेष रूप से, इस योजना के अंतर्गत बच्चों एवं उनके परिजनों के यात्रा, उपचार एवं फॉलो-अप से संबंधित सभी व्यय वहन किए जा रहे हैं, जो एक समग्र स्वास्थ्य पहल है। बच्चों की स्क्रीनिंग इस बात का प्रमाण है कि सीसीएल की नजर केवल इलाज पर नहीं, बल्कि समय रहते पहचान और रोकथाम पर भी है। प्रोजेक्ट आदिति के अंतर्गत सिकल सेल एनीमिया की पहचान हेतु 30,000 रहिवासियों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया, जिसमें अब तक 15,908 जरूरतमंदो की जांच कर 262 मरीजों की पहचान की गई है। इसके अतिरिक्त 890 स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से 1,50,979 लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई।
कहा गया कि झारखंड के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने हेतु उपचार आपके द्वार योजना के तहत 3 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स 56 गांवों में नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं, जबकि एक अतिरिक्त यूनिट लातेहार के 20 गांवों के लिए प्रक्रियाधीन है। कहा गया कि शिक्षा के क्षेत्र में सीसीएल की पहल युवाओं के भविष्य को नई दिशा दे रही हैं। राजधानी रांची में ₹65 करोड़ की लागत से 5000 क्षमता वाली अत्याधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण कार्य प्रगति पर है, शीघ्र ही यह लाइब्रेरी भविष्य में ज्ञान, अनुसंधान एवं नवाचार का प्रमुख केंद्र बनेगी।
कहा गया कि जब किसी परिवार का पहला बच्चा इंजीनियर बनता है, तो वह केवल एक डिग्री नहीं बल्कि पूरे परिवार के सामाजिक-आर्थिक उत्थान की शुरुआत होती है। सीसीएल के लाल एवं सीसीएल की लाडली योजनाओं के माध्यम से वंचित वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक 308 विद्यार्थियों ने कोचिंग पूर्ण की, जिनमें से 219 ने इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश प्राप्त किया है। वर्तमान में 80 विद्यार्थी प्रशिक्षणरत हैं। प्रति विद्यार्थी ₹1.80 लाख का वार्षिक व्यय कंपनी द्वारा वहन किया जा रहा है जो शिक्षा के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इसी क्रम में झारखंड के हजारीबाग जिले के 9 गांवों में चल रही इंटीग्रेटेड कम्युनिटी डेवलपमेंट परियोजना सही दिशा में किया गया निवेश कैसे जीवन बदल सकता है को दर्शाता है। ₹5.41 करोड़ की लागत से कृषि, पशुपालन और छोटे उद्यमों को बढ़ावा देकर लगभग 5,000 परिवारों के जीवन में स्थायी आय का स्रोत विकसित किया जा रहा है। जिससे किसानों की आय में ₹20,000 से ₹50,000 तक की वार्षिक वृद्धि की संभावना है। पीएम पंचतत्व योजना के अंतर्गत ₹4.36 करोड़ की लागत से राजधानी रांची के 25 सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, जिनमें से 4 विद्यालयों का कार्य पूर्ण हो चुका है।
कहा गया कि कौशल विकास के क्षेत्र में आइसीए फाउंडेशन के सहयोग से संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 325 युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 100 युवाओं को प्रशिक्षित किया गया, जिनमें 88 को रोजगार प्राप्त हो चुका है। चयनित अभ्यर्थियों का वेतन ₹12,000 से ₹33,000 तक है। समग्र रूप से वित्तीय वर्ष के दौरान 1000 से अधिक युवाओं को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कौशल एवं रोजगार उपलब्ध कराया गया।
कहा गया कि खेल प्रोत्साहन को लेकर सीसीएल और झारखंड सरकार के संयुक्त पहल से संचालित जेएसएसपीएस स्पोर्ट्स अकादमी राज्य के खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। झारखंड सरकार के साथ 50:50 प्रतिशत साझेदारी में संचालित स्पोर्ट्स अकादमी खेल प्रतिभाओं के विकास में मील का पत्थर साबित हो रही है। वर्तमान में 234 खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें 96 प्रतिशत एससी/एसटी तथा ओबीसी वर्ग से हैं। यहां 10 खेल विधाओं में राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
कहा गया कि अब तक इस अकादमी के खिलाड़ियों द्वारा 2123 पदक अर्जित किए जा चुके हैं, जिनमें 21 अंतरराष्ट्रीय पदक शामिल हैं। इस उत्कृष्ट योगदान के लिए संस्था को नेशनल सीएसआर अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
कहा गया कि सीसीएल पर्यावरण संरक्षण एवं पशु कल्याण के प्रति भी समान रूप से प्रतिबद्ध है। आश्रय परियोजना के तहत ₹79.42 लाख की लागत से घूमन्तु पशुओं के पुनर्वास हेतु आधुनिक शेल्टर का निर्माण किया जा रहा है, जिसका 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। साथ ही 24×7 एनिमल एम्बुलेंस सेवा का संचालन भी किया जा रहा है, जो मानवीय संवेदनाओं एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचायक है।
सीसीएल के इन प्रभावशाली प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सराहना प्राप्त हुई है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में कंपनी को सीएसआर टाइम्स अवार्ड 2025 (लाइवलिहुड केटेगरी), चौथा सीआईएल सीएसआर कांन्क्लेव में आउटस्टैंडिंग सीएसआर परफॉर्मर अवार्ड तथा इंडिया सीएसआर अवार्ड 2025 (युथ इमपावरमेंट केटेगरी) से सम्मानित किया गया है। सीसीएल द्वारा संचालित उपरोक्त सीएसआर पहल वैधानिक दिशा निर्देशों, संगठनात्मक प्राथमिकताओं एवं स्थानीय समुदायों की आवश्यकताओं के अनुरूप क्रियान्वित की गई हैं।
विभिन्न भौगोलिक एवं सामाजिक चुनौतियों के बावजूद, कंपनी ने बहु-हितधारक समन्वय, पारदर्शिता एवं प्रभावी रणनीति के माध्यम से इन योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया है। कहा गया कि सीसीएल की यह विकास यात्रा केवल योजनाओं और उपलब्धियों का संकलन नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक परिवर्तन का सशक्त दस्तावेज है।
सीसीएल kecअध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) निलेंदु कुमार सिंह के दूरदर्शी एवं प्रेरणादायी नेतृत्व में समाज के समग्र एवं संतुलित विकास के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध है। उनके मार्गदर्शन में सीसीएल ने विकास को केवल औद्योगिक प्रगति तक सीमित न रखते हुए, उसे सामाजिक सरोकारों, मानवीय संवेदनाओं और सतत भविष्य की दिशा में विस्तार दिया है।
शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, खेल एवं पर्यावरण जैसे विविध क्षेत्रों में की जा रही पहल इस बात का प्रमाण हैं कि सीसीएल एक उत्तरदायी कॉरपोरेट नागरिक के रूप में न केवल वर्तमान को सशक्त बना रहा है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक सुदृढ़ एवं समावेशी भविष्य का निर्माण कर रहा है। जो मानवीय संवेदनाओं एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचायक है।
सीसीएल द्वारा संचालित सभी CSR पहलें वैधानिक दिशानिर्देशों, संगठनात्मक प्राथमिकताओं एवं स्थानीय समुदायों की आवश्यकताओं के अनुरूप क्रियान्वित की गई हैं। विभिन्न भौगोलिक एवं सामाजिक चुनौतियों के बावजूद, कंपनी ने बहु-हितधारक समन्वय, पारदर्शिता एवं प्रभावी रणनीति के माध्यम से इन योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया है।
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