सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में छोटानागरा थाना क्षेत्र के घने जंगलों में बीते 16 अप्रैल को चलाए जा रहे सर्च अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी घटना का सामना करना पड़ा। नक्सल प्रभावित इस इलाके में अभियान के दौरान अचानक आईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) ब्लास्ट हो गया, जिसमें 210 कोबरा बटालियन के हवलदार अभिनय कुमार मित्तल गंभीर रूप से घायल हो गए।
बताया जाता है कि यह विस्फोट छोटानागरा थाना क्षेत्र के बाबू डेरा जंगल क्षेत्र के समीप हुआ, जहां पहले से नक्सल गतिविधियों की आशंका जताई जाती रही है। प्रत्यक्षदर्शियों और सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब कोबरा जवान जंगल में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान पहले से प्लांट किए गए आईडी में जोरदार विस्फोट हो गया, जिसकी चपेट में आकर हवलदार मित्तल बुरी तरह घायल हो गए। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उनका बायां पैर और बायां हाथ पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
मौके पर मौजूद अन्य जवानों ने तुरंत साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार दिया और उच्च अधिकारियों को घटना की सूचना दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए घायल हवलदार को तत्काल एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया, जहां उन्हें बेहतर इलाज के लिए एक विशेष अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है, लेकिन डॉक्टरों को उम्मीद है कि समय पर मिले इलाज से स्थिति में सुधार हो सकता है।
बताया जाता है कि इधर आईडी ब्लास्ट के तुरंत बाद नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। अचानक हुए इस हमले के बावजूद कोबरा बटालियन के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की और कई राउंड गोलियां चलाईं। दोनों पक्षों के बीच कुछ समय तक मुठभेड़ जारी रही।
सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, इस मुठभेड़ में तीन नक्सलियों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है।हालांकि, अब तक घटनास्थल से कोई शव बरामद नहीं हुआ है, जिससे इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सुरक्षा बल इस दिशा में भी जांच कर रहे हैं और इलाके की गहन तलाशी ली जा रही है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र को सुरक्षा बलों ने घेर लिया है और सर्च ऑपरेशन और भी तेज कर दिया गया है। जंगल के हर हिस्से में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, ताकि नक्सलियों के ठिकानों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सके।

यह घटना एक बार फिर से नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात सुरक्षा बलों के सामने मौजूद खतरों और चुनौतियों को उजागर करती है। आईडी ब्लास्ट जैसे हमले बेहद घातक होते हैं और जवानों की जान को सीधा खतरा पहुंचता है। इसके बावजूद सुरक्षा बल पूरी निष्ठा, साहस और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं।स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगातार प्रयासरत है।
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