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अनिमेष की कल्पना में छुपी है उसकी दैविक प्रतिभा

पटना आर्ट कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त कर दिल्ली को बनाया ठिकाना

संतोष कुमार/वैशाली (बिहार)। वैशाली अद्भुत प्रतिभाओं का जन्म स्थली रहा है। एक से एक प्रतिभा ने यहां जन्म लेकर वैश्विक पहचान बनाई है।

ऐसे ही व्यक्तियों में शामिल एक युवक जिसने कलाकारी की अद्भुत प्रतिभा उसके भीतर होते हुए भी और एकांतिक जीवन के प्रति काफी आसक्त होकर भी वैवाहिक जीवन में प्रवेश किया। साथ ही अपने ड्रीम प्रोजेक्ट्स (As Well as your dream Projects) के प्रति उतना ही निष्ठावान रहा जितना कि अपनी पारिवारिक सामाजिक जीवन की गम्भीर जिम्मेदारियों के प्रति उसकी दैविक आकांक्षाएं।

मालूम हो कि वैशाली जिला के हद में हाजीपुर प्रखंड के ग्राम दयालपुर में जन्मे अनिमेष का जीवन सादा और सात्विक है। यह उसे बताने की शायद ही जरूरत पड़े। उसके पिता और दादा दोनों सामाजिक राजनीतिक पृष्भूमि में दिलचस्पी लेने वाले रहे हैं। हालांकि उसके दादा दिवंगत कैलाश प्रसाद सिंह पूर्व मुखिया थे।

उनकी क्षेत्र में एक अच्छी पहचान थी। वर्तमान में उनकी एक पुत्र वधू जदयू नेत्री सह प्रदेश पदाधिकारी के तौर पर जानी जाती हैं। सियासत और समाजिक पृष्ठभूमि वाले उस परिवार में अनिमेष जैसे अद्भुत प्रतिभा के धनी व्यक्तित्व का जन्म उसकी माता के उपन्यास पाठन का एक आनुवंशिक परिणाम माना जा रहा है। ऐसी चर्चा स्थानीय स्तर पर होती भी रही है।

मकबूल फिदा हुसैन कला की दुनियां में एक बेहतर नाम है। जिन्हें कलाकार अनिमेष अपना आदर्श मानता है। वह नकलची भी नहीं है। जैसा कि उसकी बातों से अनुमानित है। अनिमेष ने वर्ष 2008 में पटना के आर्ट कॉलेज से स्नातक की उपाधि फाईन आर्ट्स में ली थी। तब से अपने कैनवास पर ही वह जमा रहता है।

सात्विक प्रवृतियों वाले अनिमेष के माता पिता और अन्य सभी परिजन तथा ग्रामीण भी उसकी इस प्रतिभा के कायल हैं। ग्रामीण रहिवासी डीलर अशोक कुमार सिंह ने कलाकार अनिमेष के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि एक बार वह कृषि कार्य से लौटे और थोड़ा विश्राम उसके ही दरवाजे पर करने लगे।

उसी क्रम में उसने जो उनकी कीचड़ से पटी तस्वीर बनाई वह आज भी लोगों के कौतूहल का विषय है। उसकी कल्पनाओं के सभी दीवाने रहे हैं। कलाकार का मानना है कि अब तक लोगों से उत्साहवर्धन की सौगात कई बार मिल चुकी है। लेकिन अंतिम मुकाम की तलाश में अनिमेष एक अद्भुत कलाकृति को उकेरने में शोधरत है। मालूम हो कि कलाकार अनिमेष बचपन से ही निरामिष है।

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