राज्यपाल से की गयी गैर नौकरशाह को सूचना आयुक्त नियुक्त करने की मांग
एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। सूचना आयुक्त की नियुक्ति और झारखंड राज्य सूचना आयोग में यथाशीघ्र सुनवाई प्रारंभ करवाने को लेकर हमर अधिकार मंच का 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 8 जनवरी को राज्यपाल डॉ संतोष गंगवार से मिला। मुख्यमंत्री को भी उक्त संबंध में झारखंड के 16 जिलों के 91 रहिवासियों द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन सौंपा गया। मंच ने मांग किया कि विधि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, समाजसेवा, प्रबंधन, पत्रकारिता जनसंपर्क माध्यम में व्यापक ज्ञान और अनुभव रखने वाले समाज में प्रख्यात गैर-नौकरशाह को ही सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्त किया जाय।
जानकारी के अनुसार हमर अधिकार मंच का एक पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंच के अध्यक्ष दीपेश निराला के नेतृत्व में झारखंड के राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें झारखंड के 16 जिलों यथा गिरिडीह, पलामू, लातेहार, गढ़वा, धनबाद, दुमका, सरायकेला-खरसावां, लोहरदगा, पाकुड़, हजारीबाग, खूंटी, सिमडेगा, रांची, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम और गुमला के 91 गणमान्य रहिवासियों द्वारा हस्ताक्षरित एक ज्ञापन सौंपा।
जिसमें जल्द से जल्द झारखंड में सूचना आयुक्त की नियुक्ति करवाने और यथाशीघ्र झारखंड राज्य सूचना आयोग में सुनवाई प्रारंभ करवाने की मांग की गयी है। ताकि, सूचना आयोग में लंबित पड़े 25000 से अधिक द्वितीय अपीलवाद और शिकायतवाद पर 5.5 वर्षों से अधिक समय से लंबित मामलों में सुनवाई शुरू हो सके।
सौंपे गये पत्र में आग्रह किया गया कि सूचना आयुक्त के रूप में गैर-नौकरशाह जो विधि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, समाजसेवा, प्रबंधन, पत्रकारिता जनसंपर्क माध्यम में व्यापक ज्ञान और अनुभव रखने वाले समाज में प्रख्यात की ही नियुक्ति की जाए और नौकरशाह को सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्त नहीं करवाया जाय, क्योंकि वैसे जन सूचना पदाधिकारी और प्रथम अपीलीय प्राधिकारी जो सूचनाओं को रोकते हैं और जिनके विरुद्ध सूचना आयोग में द्वितीय अपील और शिकायतवाद दर्ज कराया जाता है, उनका पूर्व संबंध सेवा काल में सेवानिवृत्त नौकरशाह से हो सकता है या उनके अधीनस्थ ऐसे पदाधिकारी सेवाकाल में काम किए हो सकते हैं। इसलिए ऐसे सरकारी पदाधिकारियों द्वारा न्याय करते समय और सूचना दिलवाते समय तटस्थ और निष्पक्ष रहें तो बेहतर रूप से सूचना की मांग करने वाले आवेदकों को बेहतर सूचना दिलवाई जा सकती है।
उक्त संबंध में एक ज्ञापन झारखंड के मुख्यमंत्री को भी सौंपा गया है। पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष दीपेश निराला, उपाध्यक्ष रेणुका तिवारी, राजकुमार, महासचिव उमाशंकर सिंह तथा कोषाध्यक्ष विनोद जैन बेगवानी शामिल थे।
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