पुरानी तस्वीरों को देख मेला यात्री हो रहे इतिहास से रूबरू
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला के रेल ग्राम स्थित चित्र प्रदर्शनी में रेलवे ने चार दर्जन से अधिक पुरानी तस्वीरों को प्रदर्शित कर इतिहास को जीवंत कर दिया है। इस कलेक्शन को मेला दर्शक अपने कैमरों में कैद कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार यहां लगे चित्र प्रदर्शनी में 1950 के दशक की तस्वीरों को दीवारों पर करीने से सजाया गया है। जिसमें वर्ष 1950 के समय का सोनपुर – हाजीपुर के बीच पुराने रेल (अब सड़क सम्पर्क) पुल को दिखाया गया। उस समय यह रेल पुल हुआ करता थे। पुल के बीच रेलवे लाइन दिख रही है। पुल के साइड से यात्रियों का आवागमन हो रहा है। एक चित्र में पुल की सीढ़ियों से यात्री मेला जाने के लिए उतर रहे हैं। सबसे पुरानी एक तस्वीर सोनपुर रेलवे स्टेशन की भी है।

चित्र प्रदर्शनी में भारत के प्रथम राष्ट्रपति रहे डॉ राजेंद्र प्रसाद की पहलेजा घाट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरते समय की तस्वीर आकर्षित कर रही है। देश में जय जवान जय किसान का नारा बुलंद करनेवाले भारत के प्रधानमंत्री रहे लाल बहादुर शास्त्री की रेल मंत्री पद पर रहने के समय गंडक पुल के निरीक्षण की तस्वीर भी लगी है। भारत के रेल मंत्री और उप प्रधान मंत्री रहे जगजीवन राम की पहलेजा घाट – महेंद्रू घाट निरीक्षण की तस्वीर भी लगाई गई है। पुराने गंडक पुल की पूरी तस्वीर भी है। पहलेजा घाट और महेंद्रू घाट के बीच गंगा नदी में जहाज सेवा की तस्वीर भी मौजूद है।
इस चित्र प्रदर्शनी में सोनपुर रेलवे स्टेशन स्थित ओवरब्रिज, जगजीवन रेल पुल, प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की तस्वीर, स्टीम इंजन का चित्र के साथ – साथ 18वीं सदी की अश्व चालित रेल प्रणाली का चित्र भी प्रदर्शित किया गया है।
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