माले टीम ने अंचल में राजस्व महाअभियान शिविर का दौरा कर रैयतों की सुनी समस्या
एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। भू-अभिलेख की अशुद्धि सुधार के लिए सरकार द्वारा चलाया गया राजस्व महा-अभियान की अंतिम तिथि 20 सितंबर है, जबकी अभीतक लगभग 25 प्रतिशत रैयतों द्वारा आवेदन पत्र तक जमा नहीं किया जा सका है।
इसे लेकर 18 सितंबर को समस्तीपुर जिला के हद में ताजपुर अंचल में लगाये गये राजस्व महाअभियान शिविर का दौरा कर भाकपा माले टीम ने रैयतों की समस्या सुनी। रैयतों से मिलकर उनकी समस्या सुनने के बाद भाकपा माले ताजपुर प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह एवं किसान नेता ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने संयुक्त रूप से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर 20 सितंबर को समाप्त हो रहा राजस्व महाभियान शिविर की तिथि को बढ़ाकर सरकार से 20 दिसंबर तक करने की मांग की है।
इस बाबत माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि रैयतों तक जमाबंदी पंजी की प्रति देर से पहुंचाये जाने, खतियानी जमीन का जमाबंदी पंजी किसी एक व्यक्ति को देने, रैयतों का दूसरे राज्यों में कमाने चले जाने, अभिलेखागार दरभंगा के कर्मियों का हड़ताल पर होने, केबाला का जमीन का अबतक दाखिल-खारिज नहीं कराये जाने, भू-अभिलेखों की अनुपलब्धता आदि कारणों से रैयतों द्वारा आवेदन नहीं दिया जा सका है।

किसान नेता ब्रहमदेव प्रसाद सिंह ने कहा कि राजस्व महाअभियान शिविर में रैयतों को अपने जमीन का रिकाॅर्ड अभिलेख की अशुद्धि सुधार के लिए जमा करना है। इसमें रैयतों का बारी-बारी से जमीन के कागजात एवं आवेदन को ऑनलाइन कर ओटीपी के आधार पर जमा करना है, लेकिन अधिकांश रैयत चाहे खतियानी हो या केबालेदार, उनके पास भू-रिकार्ड उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि दुर्गा पूजा से छठ तक दूसरे राज्यों में कमाने गये रैयत अपने घर लौटते हैं। ऐसी स्थिति में राजस्व महाभियान शिविर की तिथि को सरकार को तीन महीने बढ़ाना चाहिए, ताकि शत प्रतिशत रैयत अपने-अपने आवेदन जमा कर सके।
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