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संगम तट सबलपुर पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब: गंगा दशहरा पर संतों का महासमागम

तीन दिवसीय आध्यात्मिक महोत्सव में सत्संग एवं प्रवचन का आयोजन

​अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर की पावन धरा, जहां गंगा और नारायणी का मिलन होता है, एक बार फिर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर होने वाली है।

गंगा दशहरा के पावन अवसर पर सोनपुर के सबलपुर स्थित संगम स्थल पर गंगा अवतरण महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव में भारत और नेपाल के ख्याति प्राप्त संतों का समागम होगा। उक्त जानकारी लेखक एवं हिंदू जागरण मंच के बिहार – झारखंड क्षेत्र संयोजक विनोद कुमार सिंह यादव ने 9 मई को दी।

उन्होंने बताया कि ​महोत्सव की शुरुआत आगामी 23 मई से 25 मई तक चलने वाली दिव्य कथा से की जायेगी। इस्कॉन के अंतरराष्ट्रीय प्रचारक पूज्य संत सीता रामेश्वर दासजी महाराज द्वारा प्रतिदिन संध्या 6:30 से रात्रि 9:30 बजे तक संगम की महिमा पर प्रवचन दिया जाएगा। कहा कि आगामी 25 मई की संध्या काशी (वाराणसी) और स्थानीय कलाकारों द्वारा संगम तट पर भव्य दिव्य आरती का आयोजन किया जायेगा।

बताया कि​ गंगा अवतरण दिवस 26 मई को प्रातः 9 बजे से संत सम्मेलन, संगम स्नान, ध्यान, यज्ञ-हवन और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के प्रेरणाश्रोत, चिंतक, लेखक एवं हिंदू जागरण मंच के बिहार – झारखंड ​के क्षेत्र संयोजक विनोद कुमार सिंह यादव ने बताया कि सबलपुर संगम धाम केवल एक भौगोलिक मिलन स्थल नहीं, बल्कि ऋषि -मुनियों की तपस्थली है। यहां सिद्ध संत गोरखाईनाथ की जीवित समाधि स्थित है। मान्यता है कि इस संगम में स्नान मात्र से जन्म- जन्मान्तर के पापों का क्षय होता है। श्रद्धालुओं के लिए सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर, गज ग्राह मोक्षस्थली कोनहारा घाट हाजीपुर (वैशाली) और ऋषि च्यवन की साधना भूमि के दर्शन का भी यह स्वर्णिम अवसर है।

​​आयोजन समिति के अनुसार, नेपाल और भारत के विभिन्न राज्यों से आने वाले भक्तों के लिए स्थानीय ग्राम पंचायतों और नगरवासियों द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं। कहा गया कि प्रत्यक्ष संगम दर्शन हेतु सुरक्षित नौकाओं की व्यवस्था की जा रही है। स्नान और यज्ञ के पश्चात सभी आगंतुकों के लिए सामूहिक भंडारा होगा। इसे लेकर सोनपुर और हाजीपुर रेलवे स्टेशन से आने वाले यात्रियों के लिए पैसेंजर ट्रेनों का समन्वय किया गया है। सड़क मार्ग से आने वाले वाहनों के लिए सबलपुर तक सुगम मार्ग उपलब्ध है।

आयोजन समिति के अनुसार​​महोत्सव को बिहार प्रदेश उदासीन महामंडल के अध्यक्ष संत विष्णुदास उदासीन उर्फ मौनी बाबा (लोकसेवा आश्रम), श्रीगजेन्द्र मोक्ष देवस्थानम दिव्य देश पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी लक्ष्मणाचार्य जी महाराज, अखिल भारतीय धर्म संघ के प्रदेश अध्यक्ष संत रमाशंकर शास्त्री, बिहार विभूति श्रीधर बाबा, सनातनी सिख सभा के प्रदेश अध्यक्ष सरदार त्रिलोकी सिंह निषाद सहित दर्जनों विद्वान संतों का मार्गदर्शन प्राप्त है।

आयोजन समिति के अध्यक्षों एवं स्थानीय मुखियाओं ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस उपेक्षित आध्यात्मिक धरोहर को पुनः जाग्रत करने में सहभागी बनें। दूर-दराज से आने वाले दल अपनी अनुमानित संख्या की सूचना पूर्व में आयोजन समिति को दें, ताकि भोजन और नौका भ्रमण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

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