अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में विश्व प्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेला के रेल ग्राम पीर पंजाल टनल में रेल राज भाषा विभाग की प्रदर्शनी में धर्म व साहित्य से जुड़े रचनाकारों, भक्ति काल के कवियों से लेकर आधुनिक काल के साहित्यकारों को भी जगह मिली है।
पूर्व मध्य रेल हाजीपुर के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने बीते 17 नवंबर को इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके अतिरिक्त प्रदर्शनी का अवलोकन कर शिक्षा से जुड़े शिक्षक और विद्यार्थी भी लाभान्वित हो रहे है।
रेल ग्राम राजभाषा विभाग की प्रदर्शनी में अमीर खुसरो को भावनात्मक एकता का मसीहा बताते हुए उनकी तस्वीर लगायी गई है। उनके कहे पंक्तियों मैं हिंदुस्तान की तूती हूं। अगर तुम वास्तव में मुझे जानना चाहते हो तो हिंदवी में पूछो। मैं तुम्हें अनुपम बातें बता सकता हूं। संत कबीर दास की वाणी कबीरा खड़ा बाजार में सबकी मांगे खैर। न काहू से दोस्ती न काहू से वैर। का संदेश भी प्रसारित हो रहा है।
लोक नायक कवि संत तुलसी दास की वाणी पल परहित सरिस धर्म नहिं भाई, पर पीड़ा सम नहिं अधमाई। भारत की सनातन संस्कृति का असली कर्तव्य की याद दिला रहा है। मैथिल कोकिल विद्यापति, पद्मश्री भिखारी ठाकुर, राष्ट्रकवि रामधार सिंह दिनकर, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, फणीश्वर नाथ रेणु, गोपाल सिंह नेपाली, हरिवंश राय बच्चन आदि के फोटो के साथ उनकी रचनाओं की महत्वपूर्ण पंक्तियों को भी उद्धरित किया गया है, जिसे मेला दर्शक बड़े ही चाव से पढ़ और समझ रहे हैं। राज भाषा अधिकारी अनिल कुमार शर्मा से इस प्रदर्शनी में मुलाकात हुई तो उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनी दर्शकों में साहित्य के प्रति जन जागरूकता पैदा कर रही हैं।
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