Advertisement

लौह अयस्क माइंस की बंद होने से भारी वाहन चालकों की स्थिति दयनीय

अमीरी के कब्र पर उपजी गरीबी जहरीली होती है-अरबिंद चौरसिया

सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में बड़ाजामदा ट्रक ऑनर एसोसिएशन सह समाजसेवी अरबिंद चौरसिया ने झारखंड राज्य में बढ़ती बेरोजगारी की समस्या पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

चौरसिया ने इसपर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य के विभिन्न स्थानों में बंद पड़े लौह अयस्क माइंस को चालू किए जाने की मांग राज्य एवं केंद्र सरकार से की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अगर वैज्ञानिक तरीके से पश्चिम सिंहभूम व राज्य के विभिन्न स्थानों से लौह अयस्क की निकासी की जाती है, तो काफी मात्रा में लौह अयस्क का निष्कासन संभव है।

कहा कि क्षेत्र में शाह ब्रदर्स, रामेश्वर जूट मिल, निर्मल कुमार प्रदीप कुमार, आधुनिक स्टील, मिश्रीलाल, ठाकुरानी माइंस जैसे दर्जन भर माइंस कंपनी ने बेरोजगारी की समस्या की मुहर लगा दी है। क्षेत्र की सारी खदाने खोलने के लिए राज्य सरकार को निर्णय शीघ्र लेनी चाहिए। वर्तमान झारखंड सरकार की रॉयल्टी बंद खदानों की वजह से प्रभावित हो रही है। राजस्व का नुकसान होना सरकार को आर्थिक नुकसान का संकेत है।

समाजसेवी चौरसिया ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भारी वाहनों से जुड़े गाड़ी ऑनर, चालक तथा क्लीनर की स्थिति दयनीय होती जा रही है। कहा कि लौह अयस्क खदान बंद होने से इससे जुड़े हजारों की संख्या में रहिवासियों के बेरोजगार होने की पुष्टि की जा रही है। अरबों रुपया राजस्व की क्षति हो चुकी है। चौरसिया के अनुसार साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद ने लिखा है कि अमीरी के कब्र पर उपजी गरीबी जहरीली होती है। आखिर इस बेरोजगारी की जिम्मेवारी किसकी है?

बहरहाल, महीनों से क्षेत्र के लौह अयस्क खदानों के बंद होने की वजह से क्षेत्र के सारे अमीर के घरों में निर्धनता की स्थिति आ गई है। यह साफ-सुथरे तौर पर साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद के लिखे गए वाक्य को दृष्टिगोचर कर रही है। चौरसिया ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उक्त तथ्यो को देखते हुए क्षेत्र के सभी बंद माइंस को खोले जाने की मांग की है।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *