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डीआरएम ने किया बेगूसराय स्टेशन पर डिजिटल कतार मित्र पायलट पहल का उद्घाटन

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। तत्काल टिकट बुकिंग में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पूर्व मध्य रेल के हद में सोनपुर रेल मंडल के डिविजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) अमित सरन ने 7 जनवरी को बेगूसराय रेलवे स्टेशन पर डिजिटल कतार मित्र नामक एक पायलट पहल का उद्घाटन किया।

यह पहल पीआरएस काउंटरों पर तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान अनियमितताओं, लाइन तोड़ने और यात्रियों को होने वाली असुविधा से संबंधित लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए शुरू की गई है।

ज्ञात हो कि भारतीय रेलवे को यात्रियों से अव्यवस्थित कतारों और तत्काल बुकिंग का लाभ उठाने में अनुचित तरीकों के आरोपों के बारे में कई शिकायतें मिल रही थी। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत, आरक्षण/पीआरएस बुकिंग कार्यालय में एक एआई-सक्षम फेस-रिकग्निशन कैमरा सिस्टम लगाया गया है। यह सिस्टम तत्काल बुकिंग की तारीख को 00:00 बजे (आधी रात) से चालू हो जाता है। उस समय से, यह यात्रियों की लाइव चेहरे की छवि को उनके आधार पहचान फोटो के साथ, एक ऑटोमैटिक टाइम स्टैम्प के साथ कैप्चर करता है।

बताया जाता है कि इस डेटा के आधार पर, सिस्टम प्रत्येक यात्री के लिए एक डिजिटल टोकन नंबर जेनरेट करता है। सुबह 8 बजे, सिस्टम सभी रजिस्टर्ड यात्रियों की सूची उनके टोकन नंबर और रियल-टाइम कतार स्थिति के साथ प्रदर्शित करता है, जिससे पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। इसके बाद, 10 बजे (वातानुकूलित ) और 11 बजे (वातानुकूलित रहित) तत्काल टिकट बुकिंग पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर जेनरेट किए गए टोकन की प्राथमिकता के अनुसार सख्ती से की जाती है।

डिजिटल कतार मित्र पहल से उम्मीद है कि पीआरएस काउंटरों पर लाइन तोड़ने और अव्यवस्था को खत्म किया जाएगा। तत्काल टिकट से संबंधित यात्रियों की शिकायतों और आरोपों को दूर किया जाएगा। टिकटिंग सिस्टम में यात्रियों का विश्वास, सहयोग और भरोसा बढ़ेगा। तत्काल बुकिंग के लिए एक निष्पक्ष, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी- आधारित कतार प्रबंधन प्रणाली सुनिश्चित की जाएगी।

उद्घाटन के अवसर पर डीआरएम सरन ने कहा कि यह पहल यात्रियों की सुविधा और सेवा वितरण में सुधार के लिए डिजिटल और एआई -आधारित समाधानों का लाभ उठाने के लिए भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कहा कि परीक्षण चरण के दौरान सफल कार्यान्वयन के बाद, इस सिस्टम को अन्य स्टेशनों पर बड़े पैमाने पर लागू किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के उद्घाटन के दौरान रेलवे अधिकारी और कर्मचारीगण मौजूद थे।

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