एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड की राजधानी रांची के चुटिया थाना की घोर लापरवाही उजागर हो रहा है। कन्हैया यादव के हत्यारों की गिरफ्तारी में एक माह बीतने पर भी अपराधी पुलिस की पकड़ से अबतक बाहर है।
आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के केन्द्रीय उपाध्यक्ष विजय शंकर नायक ने 8 नवंबर को रोषपूर्ण स्वर में खुलासा किया कि रांची के हिनू गंगाखटाल रहिवासी समाजसेवी सुरेश यादव के पुत्र कन्हैया यादव की नृशंस हत्या के एक माह बीत जाने के बावजूद चुटिया थाना हत्यारों को पकड़ने में अभी तक प्रगति शुन्य है। यह स्थिति न केवल पुलिस की निष्क्रियता का जीता-जागता प्रमाण है, बल्कि न्याय की पुकार को कुचलने का घोर अपराध है, जो आक्रोश का विषय है।
नायक ने मामले में गंभीर चिंता और आक्रोश जताते हुए कहा कि बीते 30 सितंबर को हिनू गंगा खटाल रांची रहिवासी कन्हैया यादव की निर्मम हत्या कर दी गई और इसे सुनियोजित रूप से दुर्घटना का झूठा मुखौटा पहना दिया गया। पीड़ित पिता सुरेश यादव ने तत्काल लोअर बाजार थाना को लिखित सूचना दी, जिसे थाने ने एक अक्टूबर को चुटिया थाना को हस्तांतरित कर सन्हा क्रमांक 16/25 (डीआर-2282/25 ) दर्ज की।
चुटिया थाना ने संज्ञान लेते हुए 3 अक्टूबर को प्राथमिकी क्रमांक 226/25 को बीएनएस की धारा 103(1) के तहत दर्ज कर जांच का जिम्मा थाना में तैनात एसआई निरंजन महतो को सौंपा। बावजूद इसके जांच की गति अबतक शून्य है। हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं। उक्त घटना का खौफनाक विवरण देते हुए नायक ने कहा कि हत्या के स्पष्ट प्रमाण होते हुए, दुर्घटना का कपटपूर्ण ढोंग किया गया। बताया कि 30 सितंबर की अर्ध रात्रि 12:30 बजे मोबाइल क्रमांक 7903852498 से पीड़ित सुरेश यादव को फोन आया कि उनका बेटा दुर्घटनाग्रस्त हो गया है।
उक्त सूचना के तुरंत बाद वे सदर अस्पताल पहुंचें। अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर ने उनके पुत्र की मौत की पुष्टि की। बाहर निकलते ही चुटिया थाना की पीसीआर वाहन से मुलाकात हुई और उसी में बैठकर रेलवे कॉलोनी (अमरावती कॉलोनी) घटनास्थल पर पहुंचे। वहां मृतक का मोटरसाइकिल krmank JH01EK/4865 बिना किसी टूट-फूट, खरोंच या क्षति के घटनास्थल के ठीक सामने खड़ा था। पीड़ित द्वारा पुलिस को दिए तहरीर के अनुसार मोटरसाइकिल से मात्र 30 फीट दूर सड़क पर खून के धब्बे बिखरे पड़े थे। शव पर माथे के पीछे गहरा घाव, मुंह-नाक से रक्तस्राव स्पष्ट संकेत है कि हत्या कर दुर्घटना का नाटक रचा गया है।
नायक ने बताया कि कन्हैया के शव के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने भी पुष्टि की है कि माथे में गहरा आघातजनित घाव से उसकी मृत्यु हुई है। यह जांच का केंद्रीय मुद्दा है, जिसे पुलिस जानबूझकर नजर अंदाज कर रही है। नायक ने रांची के वरिय पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि चुटिया थाना को तुरंत सख्त निर्देश दिए जाएं। उक्त सभी बिंदुओं का बिंदुवार गहन अनुसंधान हो, हत्यारों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और पीड़ित पिता सुरेश यादव को त्वरित न्याय दिलाया जाए। कहा कि चुटिया थाना पुलिस की यह उदासीनता न केवल कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रही है, बल्कि समाज में भय और अविश्वास की आग भड़का रही है।
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