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बाल विवाह है मौलिक अधिकारों उल्लंघन-मालती

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

कस्तुरबा आवासीय बालिका विद्यालय कसमार में बाल विवाह जागरूकता रथ का स्वागत

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। महिला एवं बाल विकास विभाग के नेतृत्व में संचालित बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत सौ दिवसीय विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन 8 जनवरी को बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के कमलापुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय उच्च विद्यालय में किया गया। इस दौरान बाल विवाह जागरूकता रथ विद्यालय पहुंची।

उक्त कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं एवं समाज में बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता फैलाना तथा इसे समाप्त करने के लिए सामूहिक संकल्प को मजबूत करना था। इस अवसर पर वार्डन मालती कुमारी ने बताया कि यह अभियान समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से ही सफल हो सकता है। इसके लिए जागरूकता, सतर्कता एवं कानूनी जानकारी अत्यंत आवश्यक है।

महिला सुपरवाइजर सरिता कुमारी ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के मौलिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। इससे बच्चों, विशेषकर बालिकाओं को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से गहरा नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह के कारण शिक्षा बाधित होती है तथा हिंसा, यौन शोषण और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम बढ़ जाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के संकल्प को दोहराते हुए सभी ने शपथ ग्रहण की।

यहां सहयोगिनी की समन्वयक कुमारी किरण ने कहा कि बाल विवाह समाज की जड़ों में गहरायी तक फैली एक कुरीति है, जो लैंगिक असमानता का ज्वलंत उदाहरण है। कार्यक्रम के दौरान दर्जनों छात्राओ ने बाल विवाह पर रंगोली एवं अन्य प्रतियोगिता में शामिल होकर इस अभियान पर अपनी प्रतिभा दिखाई।

मौके पर महिला सुपरवाइजर नुतन कुमारी, रिंकी कुमारी, उषा रानी कुमारी, निरुपमा सुदिपात मुखर्जी, सुजाता सिंह, सरिता कुमारी, सहयोगिनी संस्था के प्रकाश कुमार महतो, मंजू देवी, संगीता देवी, विकास कुमार, विनीता देवी, रेखा देवी, मंजू देवी आदि उपस्थित थे।

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