एस. पी. सक्सेना/पटना (बिहार)। अपने भाइयों की सलामती व् लंबी उम्र को लेकर 15 नवंबर को पुरे बिहार प्रांत में भैया दूज का त्यौहार धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने गोधन कुटाई कर जगह-जगह टोलियों में पूजा की।
जानकारी के अनुसार वैशाली जिला के हद में दिग्घी, सुभई, जमालपुर, जगदीशपुर, बिष्णुपुर तीतीढ़ा, कंसारा, बसौली, गुमटी, दयालपुर, बालाटांड, महुआ, कंहौली, बाजिदपुर, सलखन्नी, जान्दाहा, लोमा, बिझरौली, महनार, सहदेई, चकौसन, दिलावरपुर, कचनापुर, धर्मपुर, कुड़वा चान्दपुरा, अजमतपुर, बिदुपुर, बहुआरा, काशीपुर, फूलहारा, चकियारी, मदारपुर, आदि।
सराय, सेंदुआरी, पानापुर लंगा, कुतुबपुर, शीतल व् मनी भकुरहर, धरहारा, अर्रा, मदरना, श्यामपुर, जारंग, लखनसैरा, प्रतापटांड, रामदासपुर, लालगंज, रेपुरा, पोझींया, चंदवाड़ा, गुरमियाँ सहित सैकड़ो ग्रामीण हलकों में रहिवासी महिलाएं टोलियों में एकत्रित होकर गोधन कुटाई कर पूजा की।
पौराणिक मान्यता के अनुसार भैया दूज के अवसर पर बहनों द्वारा अपने भाइयों की लंबी आयु के लिए गोधन कुटाई कर पूजा की जाती है तथा मायके से दुःख, दरिद्रता दूर भगाने को लेकर पुरानी मिट्टी के हांडी की मुसल से कुटाई की जाती है।
साथ ही रेंगनी का कांटा जिह्वा में चुभोकर पूर्व में उच्चारित अपशब्द भाषाओं के लिए ईश्वर से क्षमा मांगती है, तथा अपने भाइयों को बज्र के समान मजबूत होने की कामना करते हुए भाइयों को बजरी रूपी प्रसाद चढ़ाई जाती है।
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