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अक्षय तृतीया के दौरान होने वाले बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। अक्षय तृतीया के दौरान बोकारो जिला में होने वाले बाल विवाह को रोकने के लिए सहयोगिनी संस्था द्वारा जिले भर में सघन अभियान चलाया जाएगा।

इस संबंध में 16 अप्रैल को जिला के हद में बहादुरपुर स्थित सहयोगिनी कार्यालय में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए संस्था के निदेशक गौतम सागर ने कहा कि आगामी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया है, इस दौरान जिले भर में बाल विवाह की काफी संख्याएं बढ़ जाती है। जिसको रोकने के लिए सभी स्टोकहोल्डर, बाल विवाह निषेध प्राधिकारी, धर्मगुरु, टेंट बाजा वाले, हलवाई के साथ जन जागरूकता का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार व् झारखंड सरकार सहित बोकारो जिला प्रशासन द्वारा अक्षय तृतीया के दौरान सघन अभियान चलाने का निर्देश जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि बोकारो जिले में स्थित स्कूल, कॉलेज, पंचायत प्रतिनिधि, साहिया, आंगनबाड़ी सेविका, प्रखंड के कर्मी, शिक्षक तथा संभावित बाल विवाह के हॉटस्पॉट में जागरूकता कार्य तथा होने वाले विवाह को रोकने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा भी इस संबंध में जन जागरूकता का कार्य किया जा रहा है।

बैठक को संबोधित करते हुए सहयोगिनी की सचिव कल्याणी सागर ने बताया कि बाल विवाह एक जघन्य अपराध है, जिससे लड़कियों का भविष्य संकट में आ जाता है तथा बाल विवाह के कारण पारिवारिक कलह, घरेलू हिंसा, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के द्वारा बाल विवाह निषेध अधिनियम बनाया गया है, जिसके तहत यह एक कानूनी अपराध है।

उन्होंने कहा कि सहयोगिनी संस्था द्वारा कसमार प्रखंड सहित विभिन्न पंचायत में बाल विवाह निषेध हेतु तरह-तरह का कार्यक्रम का आयोजन लगातार किया जा रहा है, जिसके परिणाम स्वरुप रहिवासी जागरुक हो रहे हैं तथा लड़कियां बाल विवाह रोकने के लिए आगे आ रही है। इस दौरान सहयोगिनी की सूर्यमणि देवी, रवि कुमार राय, कुमारी किरण, मंजू देवी, सोनी कुमारी, विकास कुमार, नीतू कुमारी, लबानी घोष, अभय कुमार सिंह, अनिल कुमार हेंब्रम, पुष्पा देवी आदि उपस्थित थी।

 

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