एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर(बिहार)। किसान विरोधी तीनों काला कानून रद्द करने की मांग पर दिल्ली (Delhi) में जारी किसान आंदोलन के समर्थन में अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एशोसिएशन (ऐपवा) से जुड़ी महिलाओं ने महिला परेड मार्च निकाला। इस अवसर पर महिलाएं अपने-अपने हाथों में झंडे- बैनर एवं नारे लिखे कार्डबोर्ड लेकर समस्तीपुर जिला (Samastipur district) के हद में ताजपुर प्रखंड के मोतीपुर वार्ड-10 से 26 जनवरी की संध्या महिला परेड निकाली।
मुख्य सड़क से नारे लगाकर गुजरते हुए महिलाओं द्वारा मोतीपुर खैनी गोदाम के पास पहुंचकर परेड की समाप्ति के बाद एक सभा का आयोजन किया गया। सभा की अध्यक्षता ऐपवा ताजपुर प्रखंड अध्यक्ष सोनिया देवी ने किया। मौके पर रंजू कुमारी, अनीता देवी, पिंकी देवी, कांति देवी, नीलम देवी, मालती देवी, सुनीता देवी, कृष्णा देवी, संजू कुमारी समेत किसान नेता ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, शंकर सिंह, वासुदेव राय, भाकपा माले ताजपुर प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह समेत अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया.।
बतौर मुख्य वक्ता सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा जिलाध्यक्ष बंदना सिंह ने कहा कि भारत की रीढ़ कहे जाने वाले भारतीय कृषि को तीन काला कानून लाकर मोदी सरकार अडानी- अम्बानी को सौपना चाहती है। किसान अवश्यम्भावी संकट को देखकर तीनों कानून को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। इस कानून से जन वितरण प्रणाली भी बंद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ किसानों का ही नहीं बल्कि भारत के हर तबके का है। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के समर्थन में महागठबंधन के द्वारा आगामी 30 जनवरी को बाजार क्षेत्र के राजधानी चौक, एनएच -28 पर आहूत मानवश्रृंखला में सैकड़ों महिलाएं भाग लेकर किसान आंदोलन के साथ एकजुटता जाहिर करेंगी।
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