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उजर बगुला बिन पिपरा न सोहे, कोयल बिन बगिया न सोहे राजा….

गीत – गंवनई व् नृत्य से सराबोर रहा हरिहरक्षेत्र सोनपुर

मेलाअवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में विश्व प्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेला के पर्यटन विभाग के मुख्य सांस्कृतिक पंडाल के मंच पर 12 नवंबर को सुरभि कला मंच सोनपुर (सारण) के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया। गीत – गंवनई व नृत्य से मेला के सांस्कृतिक पंडाल में बैठे दर्शक झूमने से बच नहीं सके।

इस अवसर पर अपनी पहली प्रस्तुति में लोक गायिका शारदा सिन्हा के गाए गीत को गायक मनि जायसवाल ने उजर बगुला बिन पिपरा न सोहे, कोयल बिन बगिया न सोहे राजा…. सास ससुर बिन ससुरो न सोहे, बालक बिन गोदिया ना सोहे राजा प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। इसके अतिरिक्त जयसवाल ने ही हाथ में त्रिशूल, गले में संपवा के हार, बाबा लेले चलियौ हमरो अपन नगरी भजन तथा बाबा दिहले टिकवा से हो रे हम तेजबो बलमुआ कइसे तेजब रे छोटी ननदि गाकर दर्शकों का जमकर मनोरंजन किया।

गायक सोनू बाबू ने जब हम जानती शीतली माता आइहें अंगना ना भक्ति गीत से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
सारण जिला प्रशासन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में लोक गायक लाल मोहन चौहान ने हथवा में शोभे ला भजन से कार्यक्रम की शुरुआत की। अगली प्रस्तुति में सासु मोरा मारे रामा बांस के छिऊँकिया ए ननदिया मोरी रे सुसुकत पनिया के जाय। हाथवा में लिहली ननदो सोने के घरिलवा की प्रस्तुति कर मन मोह लिया। इसके अतिरिक्त सोनपुर के मेलवा में धनिया हेराई गइल स्वरचित गीत की भी प्रस्तुति की।

कला कुंज बिहार की अगली प्रस्तुति में शिल्पी राज ने विद्यापति रचित गीत जय-जय भैरवी असुर भयावनी पर नृत्य कर दर्शकों पर गहरा असर डाला। वहीं, अगली प्रस्तुति माटी कोरे गयली संजय राय, रिया सनी, भवनीत व् कृपा की प्रस्तुति प्रभावी रही।

मंच के उद्घोषक रंगकर्मी बिट्ठल नाथ सूर्य ने अपनी वाणी से दर्शकों और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। सुखल फुटानी छोरा बलमुआ मान कहनमा ना सुनील छैला बिहारी का सुपरहिट गीत ️पर संजय राय व शिल्पा कुमारी का बेहतरीन डांस से कार्यक्रम का समापन किया गया।

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