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अमन -शांति का पैगाम है “मोहब्बत के दंगे”

प्रहरी संवाददाता/मुंबई। हल ही में देश के विभिन्न राज्यो के बुद्धिजीवी एवं प्रबुद्ध नागरीकों ने ”मोहब्बत के दंगे”नामक कार्यक्रम का आयोजन एक साथ देश के अलग-अलग शहरों में किया गया। दरअसल इस मुहीम के पीछे आयोजकों का मकसद देश में अमन, शांति और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना है। इस आयोजन में “Riots Of Love” नामक पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

मिली जानकारी के अनुसार ”मोहब्बत के दंगे” नामक कार्यक्रम का आयोजन एक साथ मुंबई, दिल्ली, अहमदाबाद, नोयडा, शमंबलपुर, मऊ, पटना, सिवान, बहराइच, गंगानगर, जयपुर, धनबाद आदि शहरोँ में किया गया। इस मौके पर “राइट्स ऑफ़ लव” नामक पुस्तक का विमोचन दिल्ली में किया गया, जिसकी प्रतियां इस कार्यक्रम से जुड़े सदस्यों को भेजा जा रहा है।

”मोहब्बत के दंगे”में नुवकड़ सभा व सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि शामिल है। मजे की बात यह है कि मुहब्बत के दंगे से जुड़े 50 फीसदी से अधिक लोग एक दूसरे को नहीं पहचानते, इसके बावजूद देश के जिन शहरो में यह कार्यक्रम हुआ, वहां बड़ी संख्या में लोग जुड़े। वही “राइट्स ऑफ़ लव” नामक पुस्तिका के उद्देश्य को समझने के बाद बेताब बुद्धिजीवियों ने इसे फिर से प्रकाशित करने का फैसला लिया है।

दरअसल राइट्स ऑफ लव “Riots Of Love” नामक इस पुस्तक में देश के कई एतिहासिक मुद्दों के साथ साथ हर समाज के प्रबुद्ध नागरीकों के लिए संदेश है। जो कि जनजागृति अभियानों की तरह लोगों में संजीवनी बूटी का काम कर रही है। इस अभियान को धरातल पर उतरने वालो में अवि डांडिया, रफीक शेख, रमनीत मुखर्जी, नेहा सिधारा, अंजुम सिंह, नीति जैन, शोएब खान, फैज़ान अहमद और आशीष आदि गणमान्य मौजूद थे।

वही इसे सफल बनाने में मुंबई से फैज़ान अहमद, दिल्ली से रफीक अहमद आदि शामिल है। मुहब्बत के दंगे नामक इस कार्यक्रम की आपार सफलता कि वजह से लोग इससे जुड़ते जा रहे है। इसका पंजीयन जल्द ही कराया जायेगा। कयास लगाया जा रहा है कि पुरे देश में हुए इस कार्यक्रम में करीब ढाई से तीन लाख लोग शामिल हुए थे।

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