एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर(बिहार)। पुलवामा घटना (Pulwama attack) के दूसरी वर्षी पर 14 फरवरी को समस्तीपुर शहर (Samastipur city) के स्टेशन चौराहे पर कैंडिल जलाकर शहीद सैनिकों की याद में दो मिनट मौन धारण कर उन्हें सलाम किया गया। इस अवसर पर दर्जनों की संख्या में रहिवासी उपस्थित थे।
पुलवामा हमले की वर्षी पर कैंडिल मार्च बाजार क्षेत्रों का नारे लगाकर भ्रमण करते हुए पुनः स्टेशन चौराहा पर पहुंचकर मार्च सभा में तब्दील हो गया। सभा की अध्यक्षता भाकपा माले के प्रो० उमेश कुमार, माकपा के गंगाधर झा, भाकपा के सुधीर कुमार देव ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर माले नेता सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, मिथिलेश कुमार, महेश पासवान, माकपा के रधुनाथ राय, रामसागर पासवान, सत्यनारायण सिंह, मनोज कुमार गुप्ता, भाकपा के शत्रुधन पंजी, बैजनाथ ठाकुर समेत दर्जनों वक्ताओं ने आयोजित सभा को संबोधित किया.
मौके पर नेताओं ने कहा कि वर्ष 2019 की लोकसभा चुनाव के मौके पर हमारे देश के 44 जांबाज सैनिक की कायरता पूर्वक हत्या कर दी गई। तीन महिने के अंदर घटना की जांच कर कारबाई का आश्वासन देने के बाबजूद दो वर्ष बीत गये। देशवासी घटना का कारण जानना चाहते हैं लेकिन मोदी सरकार चुप्पी मारे बैठी हुई है। किसान नेता सुखदेव राय ने सवालिया लहजे में कहा कि जिस क्षेत्र में एक सुई तक ले जाना नामुमकिन है वहाँ 3 सौ किलो आरडीएक्स कहाँ से आया? प्रधानमंत्री को इसका जबाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलवामा घटना का पर्दाफाश अविलंब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को करना चाहिए ताकि देशवासी हृदयविदारक घटना को जान सके। हरेक षड़यंत्र से अपने सैनिकों को बचता हुआ देख सके।
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