एस. पी. सक्सेना/बोकारो। केंद्रीय विद्यालय बोकारो थर्मल के प्रांगण में 27 अक्टूबर को विद्यालय के पुस्तकालय कक्ष में भव्य पुस्तक प्रदर्शनी (बुक एक्जीबीशन) का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन विद्यालय के प्राचार्य डॉ बी.आर. डे एवं मुख्य अध्यापिका रुचि मेहरा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर तथा फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्रा उपस्थित रहे।
पुस्तक प्रदर्शनी उद्घाटन समारोह के पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ बी.आर. डे ने विद्यार्थियों के जीवन में पुस्तकों के अतुलनीय महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पुस्तकें इंसान की सबसे अच्छा और सच्चा मित्र है। उन्होंने कहा कि किताबें न केवल हमारे ज्ञान के क्षितिज को विस्तृत करती हैं, बल्कि हमारी कल्पना शक्ति और रचनात्मकता को भी नई उड़ान देती हैं।

कहा कि आज के तकनीकी और डिजिटल युग में स्क्रीन टाइम बढ़ने के बीच प्रिंटेड किताबें पढ़ने की आदत (रीडिंग हैबिट) को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। प्राचार्य ने कहा कि अच्छी पुस्तकें पढ़ने से नैतिक मूल्यों का विकास होता है और विद्यार्थियों में एकाग्रता, अनुशासन व सकारात्मक सोच बढ़ता है। मुख्य अध्यापिका रुचि मेहरा ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पुस्तकालय का उपयोग करने तथा विभिन्न शैलियों की पुस्तकें पढ़ने का आह्वान किया।

प्रदर्शनी में बाल साहित्य, विज्ञान, गणित, सामान्य ज्ञान, इतिहास, उपन्यास, और प्रेरणादायक (मोटिवेशनल) जीवनियों सहित विभिन्न विषयों की सैकड़ों उत्कृष्ट पुस्तकें प्रदर्शित की गईं। विद्यालय के विद्यार्थियों ने खासी दिलचस्पी दिखाते हुए अपनी पसंद की पुस्तकों का अवलोकन किया और पुस्तकालय प्रभारी बेला एनी तिर्की से उनके बारे में जानकारी प्राप्त की। उपस्थित शिक्षकों ने विद्यार्थियों को उनकी आयु और रुचि के अनुसार उपयोगी पुस्तकों का चयन करने में मार्गदर्शन प्रदान किया। ज्ञात हो कि यह पुस्तक प्रदर्शनी विद्यार्थियों में पठन-पाठन (रीडिंग कल्चर) के प्रति रुचि जागृत करने की दिशा में एक अत्यंत सराहनीय और सफल प्रयास साबित हुआ है।
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