सेवा देवी ने सीएम व् स्वास्थ्य मंत्री से की अस्पताल की व्यवस्था सुधारने की मांग
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। अस्पतालों को आम जनों के लिए उम्मीद और जीवन बचाने का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। लेकिन जब इसी व्यवस्था में लापरवाही, अव्यवस्था और संवेदनहीनता के सवाल उठने लगें, तो यह सिर्फ प्रशासनिक समस्या नहीं, बल्कि इंसानियत पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है।
बोकारो जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल की कथित कुव्यवस्था को लेकर सेवा देवी ने चिंता जताते हुए राज्य के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से अस्पताल की व्यवस्था में जल्द सुधार कराने की मांग की है।
उन्होंने 2 सितंबर को कहा कि सरकारी अस्पतालों में गरीब और जरूरतमंद बड़ी उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में उन्हें बेहतर इलाज, दवा, जांच और सम्मानजनक व्यवहार मिलना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर अस्पताल की कुव्यवस्था के लिए कौन जिम्मेदार है? क्या इंसान के अंदर का शैतान जाग रहा है? क्या पढ़-लिखकर इंसान केवल पैसे के पीछे भाग रहा है या फिर मानव जीवन के मूल रास्ते से भटकता जा रहा है?
उन्होंने कहा कि डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी और अस्पताल प्रशासन समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। कहा कि मरीज जब अस्पताल पहुंचता है तो वह पहले से ही परेशान और कमजोर स्थिति में होता है। ऐसे समय में यदि उसे व्यवस्था की कमी या लापरवाही का सामना करना पड़े, तो उसकी परेशानी और बढ़ जाती है। उन्होंने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से बोकारो सदर अस्पताल की व्यवस्था की उच्च स्तरीय समीक्षा कराने, मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारीयों/कर्मियों पर कार्रवाई करने की मांग की।
सेवा देवी ने कहा कि अस्पताल केवल ईंट-पत्थर की इमारत नहीं, बल्कि मानव जीवन की रक्षा का मंदिर है। यहां व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि गरीब से गरीब भी यह महसूस करे कि उसकी जिंदगी की कीमत उतनी ही है जितनी किसी साधन संपन्न इंसान की। उन्होंने झारखंड सरकार से अपील की कि बोकारो सदर अस्पताल की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके और अस्पताल पर आमजनों का भरोसा कायम रहे।
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