अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। पूर्व मध्य रेलवे के हद में सोनपुर रेल मंडल में संरक्षा एवं बुनियादी सुविधाओं के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 23 जुलाई को मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अमित सरन ने व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से सोनपुर-परमानंदपुर रेलखंड के मध्य स्थित समपार फाटक संख्या–4 (स्पेशल) पर नवनिर्मित लिमिटेड हाइट सब-वे का गहन जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक ने नवनिर्मित एलएचएस की निर्माण गुणवत्ता, जल निकासी (ड्रेनेज) की व्यवस्था और स्थानीय रहिवासियों की सुविधा का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में उच्चतम मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
डीआरएम सरन ने कहा कि समपार फाटकों के स्थान पर एलएचएस जैसी संरचनाओं का विकास न केवल रेल परिचालन को सुरक्षित बनाता है, बल्कि सड़क यातायात के लिए भी एक सुगम और सुरक्षित विकल्प प्रदान करता है।
इस दौरे के दौरान रेल मंडल के परमानंदपुर-नयागांव रेलखंड स्थित समपार फाटक संख्या–9सी और दिघवारा– बड़ागोपाल रेलखंड स्थित अंबिका भवानी हॉल्ट के समीप समपार फाटक संख्या–18 का भी निरीक्षण किया गया।
बताया जाता है कि डीआरएम ने इन फाटकों पर संरक्षा व्यवस्था, चेतावनी संकेतकों की स्थिति और रेल परिचालन की सुरक्षा संबंधी प्रोटोकॉल की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी संरक्षा संबंधी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। निर्माण एवं अनुरक्षण कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि यात्रियों एवं स्थानीय रहिवासियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, जिसके लिए समपार फाटकों के उन्मूलन और वैकल्पिक संरचनाओं के निर्माण की गति को निरंतर बनाए रखा जाए।
निरीक्षण के अवसर पर वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय), वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (प्रथम) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। रेल प्रशासन ने दोहराया कि भारतीय रेल का उद्देश्य न केवल तेज और समयबद्ध परिचालन है, बल्कि आमजन को आधुनिक और सुरक्षित अवसंरचना उपलब्ध कराना भी है।
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