प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। गिरिडीह जिला के हद में बगोदर थाना क्षेत्र के तिरला पंचायत रहिवासी प्रवासी मजदूर लालचंद महतो की दुबई में तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। वे लगभग 40 वर्ष के थे।
बताया जाता है कि इस वर्ष जनवरी माह में काम करने के लिए लालचंद दुबई गया था। जहां दो महीने काम करने के बाद कंपनी वाले उन्हें काम से हटा दिया। जिसकी वजह से वह इधर-उधर भटकने लगा। पासपोर्ट और वीजा गुम हो जाने के कारण लालचंद दुबई में काफी परेशानियों का सामना करने लगा और वतन वापसी के लिए लगातार प्रयास करता रहा था। परिजनों की गुहार के बाद खोजबीन जारी थी।

बताया जाता है कि इधर कुछ दिन पूर्व दुबई में काम कर रहे झारखंड के मजदूरों से भटक रहे लालचंद का संपर्क हुआ, जिन्होंने इंसानियत दिखाते हुए उन्हें भोजन उपलब्ध कराया और घर वापसी में मदद का प्रयास कर रहे थे। तभी दोस्तों ने सूचना दी कि उनकी मौत हो गई है।
लालचंद की मौत की सूचना मिलते ही परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलते ही प्रवासी मजदूर हित में काम करने वाले क्षेत्र के समाजसेवी सिकन्दर अली मृतक के घर पहुंच कर परिवार को ढाढस बंधाते हुए कहा कि परिवार की स्थिति ऐसी है कि लालचंद महतो के पिता दशरथ महतो जो वर्ष 2013 से मुंबई से लापता हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब हैं। उन्होंने सरकार से मृतक के परिवारजन को मदद की अपील की है।

उन्होंने कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी कई बार प्रवासी मजदूर अधिक पैसे कमाने के लालच में विदेश जाकर फंस चुके हैं। साथ ही कई प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई है। ऐसे में काफी मशक्कत के बाद वैसे मजदूरों की वतन वापसी और शव आ पाता है। कहा कि वर्तमान में गिरिडीह जिले के द्वारका महतो और बोकारो जिले के सत्येंद्र महतो का शव सऊदी अरब में पड़ा है। वहीं गिरिडीह जिले के बगोदर के महेंद्र महतो जो सऊदी में फंसा है और डुमरी का हुलास महतो दुबई के जेल में बंद है। इसके बावजूद प्रवासी मजदूर पुरानी घटनाओं से सबक नहीं ले रहे हैं। ऐसे में सरकार को मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए रोजगार की व्यवस्था करने की जरूरत है।
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