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विद्यालय में मलेरिया रोधी माह पर जागरूकता कार्यक्रम, विशेषज्ञों ने बचाव के बताए उपाय

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। मलेरिया रोधी माह जून-2026 को लेकर 27 जून को बोकारो जिला के हद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसमार के तत्वावधान में कस्तूरबा गांधी आवासीय मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय कमलापुर में छात्र-छात्राओं के बीच जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मलेरिया सहित वेक्टर जनित बीमारियों के प्रति जागरूक करना तथा उनके बचाव के उपायों की जानकारी देना था। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मियों ने मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया एवं कालाजार जैसी बीमारियों के कारण, लक्षण, बचाव एवं समय पर उपचार की विस्तृत जानकारी दी।
एमटीएस शैलेश कुमार ठाकुर ने मलेरिया रोग के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह बीमारी एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने घर और आसपास साफ-सफाई रखने, पानी का जमाव नहीं होने देने, कीटनाशक युक्त मच्छरदानी का नियमित उपयोग करने तथा बुखार आने पर तुरंत खून की जांच कराने की सलाह दी।

पिरामल फाउंडेशन के साहिल कुमार गुप्ता ने फाइलेरिया रोग के बारे में जानकारी देते हुए इसके बचाव और नियंत्रण के उपायों पर प्रकाश डाला। वहीं एमपीडब्ल्यू दीपक उरांव ने डेंगू, चिकनगुनिया एवं कालाजार जैसी बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छता, मच्छर नियंत्रण और समय पर स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों से विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका सरल भाषा में उत्तर दिया गया। विद्यालय के शिक्षकों ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया तथा विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी संदेश अपने परिवार और समाज तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।

एमटीएस शैलेश कुमार ठाकुर ने कहा कि मलेरिया एक गंभीर लेकिन पूरी तरह बचाव योग्य बीमारी है। यह एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है। यदि हम अपने आसपास साफ-सफाई रखें, पानी जमा नहीं होने दें, कीटनाशक युक्त मच्छरदानी का उपयोग करें और बुखार होने पर तुरंत खून की जांच कराएं, तो मलेरिया से आसानी से बचा जा सकता है। पिरामल फाउंडेशन के साहिल कुमार गुप्ता ने कहा कि फाइलेरिया जैसी बीमारी से बचाव के लिए जन-जागरूकता सबसे जरूरी है। सभी को मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने चाहिए तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए। एमपीडब्ल्यू दीपक उरांव ने कहा कि डेंगू, चिकनगुनिया और कालाजार जैसी बीमारियों से बचने के लिए स्वच्छता बनाए रखना, मच्छरों के प्रजनन को रोकना और किसी भी प्रकार के बुखार या बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराना आवश्यक है। समय पर उपचार से गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है।

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