Advertisement

मंजुल प्रिया मुजफ्फरपुर में संवाद अधूरा सा का लोकार्पण

एस. पी. सक्सेना/मुजफ्फरपुर (बिहार)। मुजफ्फरपुर के मंजुल प्रिया सभागार में 31 मई को डॉ लोकनाथ मिश्र के काव्य संग्रह संवाद अधूरा सा का लोकार्पण साहित्यिक गरिमा के साथ किया गया। आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ पूनम सिन्हा ने की।

जानकारी देते हुए मुजफ्फरपुर की युवा कवियित्री सविता राज ने बताया कि काव्य संग्रह के मुख्य अतिथि डॉ महेंद्र मधुकर ने संवाद की साक्षरता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रतिकूलताओं में भी कवि अपनी मानसिक व्यथा को कविता के माध्यम से अभिव्यक्त करता है। कहा कि कविता मूलतः स्वयं से या पाठकों से किया गया संवाद ही है। बिहार की राजधानी पटना से पधारे हिंदी और भोजपुरी के मूर्धन्य साहित्यकार डॉ सुनील कुमार पाठक ने मिश्र की कविताओं में संवेदना, जन पक्षधरता और मानवीय कल्याण के संघर्षों के प्रति प्रतिबद्धता के स्वरों को रेखांकित किया।

संचालक डॉ संजय पंकज ने बताया कि डॉ लोकनाथ मिश्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में समान सहजता से भावों को व्यक्त करते हैं और यह संग्रह पाठकों से सार्थक संवाद रचने में सक्षम है। भोजपुरी के विद्वान डॉ ब्रजभूषण मिश्र ने कविताओं की सराहना करते हुए डॉ मिश्र से निरंतर लेखन का आग्रह किया, ताकि पाठकों को सृजन का नया रसास्वाद मिलता रहे।

इस अवसर पर डॉ वंदना विजयलक्ष्मी ने संग्रह से कविताओं का सुमधुर पाठ किया। डॉ बी. आर. अम्बेडकर विश्वविद्यालय के अंग्रजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अनीता सिंह ने कहा कि किस प्रकार समान्य सी बातें भी जब कवि के शब्दों में अभिव्यक्त होती हैं, तो उसका गहरा प्रभाव होता है और डॉ मिश्र की कविताएँ सार्थक रूप से प्रतिसंवेदना करती हैं।

इस अवसर पर अंग वस्त्र पहनाकर सभी आगत अतिथियों का स्वागत किया गया। मौके पर युवा कवियित्री सविता राज, डॉ विनोद कुमार सिन्हा, हरि किशोर प्रसाद सिंह, उत्तम कुमार, उमानाथ सिंह आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही।उपन्यासकार देवेंद्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन कर इस काव्यमय संवाद को पूर्णता प्रदान की।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *